विंढमगंज से मध्य प्रदेश सीमा तक 90 किलोमीटर मार्ग का एलाइनमेंट स्वीकृत
सोनभद्र। रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को फोरलेन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विंढमगंज से मध्य प्रदेश सीमा तक करीब 90 किलोमीटर मार्ग के एलाइनमेंट को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 22 सितंबर से सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।
राजस्थान की कार्यदायी संस्था थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी की टीम ने अनपरा की ओर से सर्वे शुरू किया है। करीब तीन महीने में डीपीआर तैयार कर शासन को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।
फोरलेन परियोजना के तहत अनपरा, रेणुकूट, दुद्धी और विंढमगंज में बाईपास बनाए जाने का प्रस्ताव है। इससे कस्बों में लगने वाले जाम से राहत मिलने के साथ ही भारी वाहनों का आवागमन आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर हो सकेगा।
सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई, बाईपास के स्थान, आबादी, मोड़, भूमि की स्थिति और यातायात दबाव का अध्ययन किया जा रहा है। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर फोरलेन परियोजना का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।
परियोजना में रिहंद बांध और कनहर नदी समेत तीन स्थानों पर बड़े सेतुओं के निर्माण का प्रस्ताव है। इसके अलावा 187 से अधिक पुलियों का भी निर्माण किया जाना है। सर्वे टीम इन पुल-पुलियों की आवश्यकता, स्थान और निर्माण संबंधी तकनीकी पहलुओं का आकलन कर रही है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, करीब 90 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन मार्ग के निर्माण पर चार से पांच हजार करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। हालांकि, परियोजना की वास्तविक लागत डीपीआर तैयार होने के बाद स्पष्ट होगी।
सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि रीवा से रांची तक जाने वाले एनएच-39 के सोनभद्र हिस्से को फोरलेन बनाने के लिए उन्होंने कई बार पत्र भेजे और संसद में भी मुद्दा उठाया। झारखंड और मध्य प्रदेश के हिस्से में सड़क चौड़ीकरण का काम हो चुका है, जबकि विंढमगंज से अनपरा तक का हिस्सा अब तक लंबित था। उन्होंने कहा कि एलाइनमेंट स्वीकृत होने और डीपीआर सर्वे शुरू होने से परियोजना में तेजी आने की उम्मीद बढ़ी है।