*बलौदाबाजार की कमल कॉलोनी में गूंजे जयकारे: माँ शैलपुत्री के रूप में विराजित हुईं माँ दुर्गा, श्री अश्वनी जायसवाल व समस्त परिवार के मार्गदर्शन और कमल कॉलोनी वासियों के सहयोग से बैठी दुर्गा माता जी*
तिलक राम पटेल जिला महासमुंद
बलौदाबाजार के कमल कॉलोनी में उत्साह और भक्तिमय माहौल: प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के रूप में विराजित हुईं मां दुर्गा
बलौदाबाजार:
धर्म और आस्था के प्रमुख पर्व के पावन अवसर पर बलौदाबाजार की कमल कॉलोनी में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कॉलोनी के प्रांगण में माँ दुर्गा की प्रतिमा को अत्यंत श्रद्धा और विधि-विधान के साथ माँ शैलपुत्री के रूप में विराजित किया गया है। यह पावन आयोजन क्षेत्र के लिए गहरी आस्था और सामाजिक समरसता का केंद्र बनता जा रहा है।
प्रेरणास्त्रोत एवं मार्गदर्शन
इस भव्य और दिव्य आयोजन की रूपरेखा और सफलता के पीछे श्री अश्वनी जायसवाल जी एवं समस्त जायसवाल परिवार का विशेष मार्गदर्शन व समर्पण रहा है। उनके नेतृत्व और प्रेरणा से इस धार्मिक अनुष्ठान को एक नया स्वरूप मिला है। इसके साथ ही, कमल कॉलोनी के समस्त सम्मानित सदस्यों, माताओं, युवाओं और बच्चों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। कॉलोनी वासियों के सामूहिक प्रयासों से यहाँ का पूरा वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है।
मां शैलपुत्री की महिमा और स्थापना का महत्व
नवरात्र के पहले दिन माता दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना का विधान है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें ‘शैलपुत्री’ कहा जाता है। वृषभ पर सवार और दाहिने हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल का फूल धारण करने वाली माँ शैलपुत्री का यह रूप धैर्य, स्थिरता, और अटूट शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
कमल कॉलोनी में माँ शैलपुत्री की इस मनमोहक प्रतिमा की स्थापना से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस आयोजन से न केवल धार्मिक चेतना जागृत हुई है, बल्कि कॉलोनी के सभी परिवारों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और एकजुटता भी और अधिक मजबूत हुई है।
भव्य आरती और अनुष्ठान
प्रतिमा स्थापना के पश्चात से ही प्रतिदिन यहाँ सुबह और संध्या बेला में विशेष पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। ढोल-नगाड़ों की गूँज और भक्ति भजनों से पूरा कमल कॉलोनी क्षेत्र गूँज उठा है। दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुँच रहे हैं, जिससे पूरे बलौदाबाजार में एक अनूठा और दिव्य उत्सव का माहौल बना हुआ है।
