*वरिष्ठ पत्रकार फतेह सिंह उजाला का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर; पंचतत्व में विलीन हुए ‘भीष्म पितामह’*
शिवचरण /पटौदी: पत्रकारिता जगत के स्तंभ और वरिष्ठ पत्रकार फतेह सिंह उजाला अब हमारे बीच नहीं रहे। आज सुबह उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे मीडिया जगत और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आज सुबह ठीक 11:00 बजे नम आंखों के बीच उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया (अंतिम संस्कार किया गया)।
*पत्रकारिता के ‘भीष्म पितामह’ थे फतेह सिंह उजाला*
फतेह सिंह उजाला को पटौदी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में पत्रकारिता का ‘भीष्म पितामह’ कहा जाता था। उन्होंने अपने लंबे और संघर्षशील करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और प्रमुख न्यूज़ चैनलों में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
बेबाक और निष्पक्ष शैली: वे अपनी निर्भीक और सत्य पर आधारित रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे।
अमिट छाप: उन्होंने अपने शानदार पत्रकारिता सफर के दौरान हर मंच पर अपनी प्रतिभा की गहरी छाप छोड़ी।
मार्गदर्शक: युवा पत्रकारों के लिए वे हमेशा एक प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक की भूमिका में रहे।
पत्रकारों में गहरी शोक संवेदना: “हमने एक बहुमूल्य हीरा खो दिया”
वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर पटौदी क्षेत्र के पत्रकारों, प्रेस क्लब और विभिन्न संगठनों ने गहरा रोष व दुःख व्यक्त किया है। शोक व्यक्त करते हुए पत्रकारों ने कहा
”आज हमने पत्रकारिता का एक ऐसा बहुमूल्य हीरा खो दिया है, जिसकी चमक और मार्गदर्शन हमारे लिए अमूल्य था। उनके जाने से जो रिक्तता आई है, उसकी भरपाई होना असंभव है।”
क्षेत्र के मीडिया कर्मियों ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए कहा कि फतेह सिंह उजाला का पूरा जीवन सच्चाई और पत्रकारिता के मूल्यों को समर्पित था।
*श्रद्धांजलि:*
ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार एवं उनके तमाम चाहने वालों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। पत्रकारिता जगत उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।
