*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
एसoआईoआरo को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार को सांसद ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण।
एसoआईoआरo लोकतंत्र को मजबूत करने और मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम दुर्भाग्यपूर्ण है।
उक्त बातें सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कहीं।
श्री सिंह ने कहा कि एसoआईoआरo के अंतर्गत मृत, स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके, अनुपस्थित और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करना है।
उन्होंने कहा कि यह दावा भ्रामक है कि एसoआईoआरo के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के वोट काट दिए गए। संबंधित दस्तावेज के अनुसार, यह संख्या मसौदा मतदाता सूची के स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में चिह्नित मतदाताओं से जुड़ी है। इन नामों की राजनीतिक दलों के बीएलए के माध्यम से भी जांच की व्यवस्था है। पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो संविधान और प्रचलित कानूनों के तहत निर्वाचन संबंधी कार्य करता है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा किया जाता है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं है। मतदाताओं को नोटिस, सुनवाई, दावा-आपत्ति और अपील जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।
श्री सिंह ने कहा कि युवाओं, विशेषकर पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के लिए भी पंजीकरण की प्रक्रिया उपलब्ध है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या निर्धारित पात्रता के अनुसार नाम जुड़वाने के इच्छुक युवा फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। एसoआईoआरo के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं और नए मतदाताओं के लिए भी नाम जुड़वाने की व्यवस्था है। इसलिए युवाओं को किसी प्रकार के भ्रम में आने के बजाय अपनी पात्रता के अनुसार मतदाता सूची में नाम की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए उठाए गए कदमों का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना है। संबंधित दस्तावेज के अनुसार, जिन मतदाताओं को नोटिस दिया गया है, उनकी सहायता के लिए बीएलओ घर जाकर दस्तावेज प्राप्त करने और उन्हें संबंधित अधिकारी तक पहुंचाने में मदद करेंगे। गरीबों, मजदूरों, बेघर लोगों और रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों के लिए सहायता डेस्क और विशेष शिविर लगाने का भी प्रावधान है।
श्री सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना आवश्यक है। राजनीतिक दलों को भी इस प्रक्रिया में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए तथा पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने और गलत प्रविष्टियों की पहचान करने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपनी जानकारी की जांच करें, आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और जरूरत पड़ने पर संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी या बीएलओ से संपर्क करें। लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की प्रक्रिया में सहयोग करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट ,अमरजीत सिंह