
पिता का आरोप है कि इलाज के लिए ससुराल पक्ष को करीब पांच लाख रुपये दिए गए, पर डॉक्टरों की सलाह के अनुसार इलाज नहीं हुआ। कुछ अस्पतालों से बिना डॉक्टरी सलाह के ही छुट्टी करा दी गई।हालत गंभीर होने पर मानवी को मेरठ के आनंद अस्पताल, फिर चंडीगढ़ और दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 सितंबर को उसकी मौत हो गई। पिता ने पति और ससुराल पक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज है। जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।