*पितृपक्ष मेला-2026 में चिकित्सा सेवा प्रदान करने वाले 61 चिकित्सकों एवं स्वयंसेवी वॉलंटियर्स को किया गया सम्मानित*
*जिला पदाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया उत्साह, सेवा भारती के चिकित्सकों ने 21 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराई चिकित्सा सेवा*
गया, 06 नवंबर 2026, पितृपक्ष मेला-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित समापन के उपरांत मेला अवधि में गयाजी एवं बोधगया में चिकित्सा शिविरों के माध्यम से तीर्थयात्रियों को निःस्वार्थ भाव से चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने वाले गयाजी सेवा भारती एवं सेवा भारती बोधगया के चिकित्सकों तथा स्वयंसेवी वॉलंटियर्स को जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने सभा कक्ष में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने सभी चिकित्सकों एवं स्वयंसेवकों के सेवा भाव, समर्पण एवं उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर सेवा भारती संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि पितृपक्ष मेला-2026 के दौरान गया एवं बोधगया में कुल 61 चिकित्सकों ने चिकित्सा शिविरों में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें बिहार के भागलपुर मेडिकल कॉलेज, पावापुरी मेडिकल कॉलेज, दरभंगा मेडिकल कॉलेज, बेतिया मेडिकल कॉलेज, पटना मेडिकल कॉलेज, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सक शामिल थे। इन चिकित्सकों ने विभिन्न स्थानों से गयाजी पहुंचकर पूरी निष्ठा एवं निःस्वार्थ भाव से देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
उन्होंने बताया कि सेवा भारती द्वारा पितृपक्ष मेला अवधि में बोधगया में 5,000 से अधिक तथा गयाजी के विष्णुपद क्षेत्र में 16,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सेवा का लाभ प्रदान किया गया। इस प्रकार संस्था के चिकित्सा शिविरों के माध्यम से 21,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इन शिविरों में नेशनल मेडिकल ऑर्गेनाइजेशन (NMO) से जुड़े कई चिकित्सकों ने भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने कहा कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला का आयोजन अत्यंत सफल एवं शानदार रहा। लगभग 52 लाख से अधिक तीर्थयात्री गयाजी पहुंचे और अपने पूर्वजों का तर्पण एवं पिंडदान किया। उन्होंने कहा कि इस सफलता में जिला प्रशासन के साथ-साथ गया जिले के आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं पूरे समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समाज के सभी वर्गों ने आगे आकर तीर्थयात्रियों का स्वागत किया तथा उन्हें हरसंभव सहयोग एवं सेवा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों एवं विदेशों से आए तीर्थयात्री यहां से सुखद अनुभूति लेकर अपने घर वापस लौटे हैं। तीर्थयात्रियों ने गयाजी में की गई व्यवस्थाओं एवं यहां मिले सहयोग की काफी सराहना की है। उन्होंने सेवा भारती के चिकित्सकों एवं स्वयंसेवी वॉलंटियर्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी ने पूरी निष्ठा, समर्पण एवं निःस्वार्थ भाव से तीर्थयात्रियों की सेवा की है। आपका यह योगदान अत्यंत सराहनीय है और इसके लिए आप सभी विशेष बधाई के पात्र हैं।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान विभिन्न संस्थाओं एवं आम नागरिकों की सहभागिता से गयाजी की एक सकारात्मक एवं बेहतर छवि देश-विदेश में स्थापित हुई है। इस तरह के सेवा कार्यों से सामाजिक सहभागिता एवं मानवीय संवेदनाओं को भी मजबूती मिलती है।
कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता गया, अपर समाहर्ता गया, जिला पर्यटन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं सेवा भारती के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार
