विद्या शंकर ठाकुर ब्यूरो चीफ
बजट भारत सरकार
( 2023-24 ) ||
[ 45 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है. 5.9% राजकोषीय घाटे का अनुमान अगले वित्त वर्ष के लिए है। मौजूदा वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 6.5 प्रतिशत है. ]
भारत का अमृतकाल सिर्फ स्वाभिमान की गौरवमयी अनुभूति का ही अवसर नहीं है। यह स्वावलंबन को ऊंची उड़ान देकर स्वतंत्रता के सौवें वर्ष में विकासशील से विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प साकार करने का भी स्वर्णिम काल है। बीते वर्ष पांच राज्यों में चुनाव होने के बावजूद मोदी सरकार ने लोकलुभावन के बजाय विकास का दूरदर्शी बजट प्रस्तुत किया था। अब सरकार ने इसी संकल्प को सशक्त करते हुए सप्तर्षि मंडल रूपी सात स्तंभों पर आधारित समावेशी विकास वाला बजट पेश किया है। इन्फ्रा, कृषि, एमएसएमई को मजबूती, रोजगार सृजन से लेकर मध्यम वर्ग को टैक्स राहत देने वाले बजट में अंतिम छोर पर बैठे नागरिक तक पहुंचने के लक्ष्य व हरित विकास को भी बराबर महत्व दिया गया है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को मजबूत पहचान दिलाने के सोच संग सरकार ने सामाजिक सरोकारों का भी पूरा ख्याल इस बजट में रखा है।
* [ हाइलाइट्स ( Highlights ) ]
• 75,000 करोड़ रुपये के निवेश से कोयला, उर्वरक और अनाज की ढुलाई के लिए प्राथमिकता पर परिवहन ढांचे का विकास किया जाएगा.
• 33% की वृद्धि पूंजीगत निवेश परिव्यय में की गई है। यह राशि अब 10 लाख करोड़ रुपये होगी
• 20 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य कृषि क्षेत्र संग पशुपालन, मात्स्यिकी और डेरी उद्यम के लिए तय किया गया है।
• 9,000 करोड़ रुपये एमएसएमई क्षेत्र में नई क्रेडिट गारंटी योजना के लिए दिए गए हैं.
• 7 लाख रुपये तक की आय पर नई टैक्स व्यवस्था में कर नहीं लगेगा। पुरानी आयकर व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
* [ इन मंत्रालयों पर विशेष ध्यान ( प्रमुख योजनाओं को आवंटन ) ]
• रक्षा:
5.94 लाख करोड़ रुपये का आवंटन रक्षा क्षेत्र के लिए किया गया है जो बीते वर्ष से 13 प्रतिशत अधिक है। देश के रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का अधिक जोर है जिसके लिए बीते कुछ वर्ष से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले बजट में कुल रक्षा आवंटन की बड़ी राशि देश में ही रक्षा उत्पाद
निर्माण के लिए रखी गई थी।
• सड़क परिवहन एवं राजमार्ग:
2.70 लाख करोड़ रुपये की धनराशि इस बजट में वित्त मंत्री ने सड़क परिवहन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए रखी है। दरअसल केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी गति-शक्ति परियोजना में सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश में बीते आठ वर्ष में सड़क निर्माण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है और नए एक्सप्रेसवे व उन्नत हाईवे से आवागमन तथा माल ढुलाई सुगम हुई है।
• रेल:
2.41 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत प्रविधान इस वर्ष रेलवे के लिए किया गया है। देश के इतिहास में इसके पहले कभी इतना बजट भारतीय रेलवे के इन्फ्रा को मजबूत करने के लिए नहीं किया गया है। माल ढुलाई के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर हो या वंदे भारत जैसी सवारी ट्रेन, भारतीय रेलवे की छवि आधुनिक और परिवहन सुगम करने के महत्वाकांक्षी प्रयासों को बजटीय आवंटन से गति मिलेगी।
• कृषि एवं किसान कल्याण :
बीते कुछ वर्ष से केंद्र सरकार के एजेंडा में किसान कल्याण प्राथमिकता में है। चाहे किसान सम्मान निधि हो या कृषि के नए तरीके, किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। इसी क्रम को बरकरार रखने के लिए इस वर्ष बजट में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रविधान कृषि क्षेत्र के लिए किया गया है।
• फार्मा उद्योग के विकास की योजना:
1.250 करोड़ रुपये फार्मा क्षेत्र के लिए दिए गए हैं। बीते वर्ष यह राशि 100 करोड़ रुपये थी। भारत फार्मा क्षेत्र में बड़ा निर्यातक बन रहा है। अमेरिका की कुल जेनेरिक दवा मांग का 40 प्रतिशत।और यूनाईटेड किंगडम की कुल दवा मांग।का 25 प्रतिशत भारत निर्यात करता है।
• पीएम आवास योजना :
वंचित वर्ग।के नागरिकों के सिर पर छत उपलब्ध कराने की केंद्र की पीएम आवास योजना को इस बार 79 हजार करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है। बीते वर्ष 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन योजना के लिए बजट में किया गया जिसमें बड़ी वृद्धि की गई है।
• ईवी बनाने और अपनाने से जुड़ी योजना (फेम) :
देश में पर्यावरण संतुलन के साथ तेल आयात कम करने
के लक्ष्य को साधने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन बनाने और अपनाने से जुड़ी फेम योजना के लिए इस बार 5,172
करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह राशि बीते वर्ष से
करीब 2,200 करोड़ रुपये अधिक है !
• पूर्वोत्तर के इंफ्रा के विकास की योजना :
इस वर्ष बजट में 2,491 में है। वर्ष 2022-23 योजना और सुगम की संपर्क मजबूत के लिए के बीते वर्षों के प्रयासों को सशक्त करने के क्रम गए हैं ! यह राशि 1,419 करने किए करोड़ रुपये आवंटित करोड़ रुपये थी।
* [ बजट का प्रभाव ]
सुशिक्षित समाज
• बच्चों और किशोरों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना
• पंचायत और वार्ड स्तर पर पुस्तकालय खोलने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करना। शिक्षक प्रशिक्षण को सशक्त करना ।
स्वस्थ समाज
• 157 नए नर्सिंग कालेजों की स्थापना। आइसीएमआर की चुनिंदा लैब में सरकारी व निजी स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा।
• सिकल सेल बीमारी को वर्ष 2047 तक समाप्त करना .
जनसंख्या नियोजन
• युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार करने के लिए 30 कौशल विकास केंद्रों की स्थापना।
• 47 लाख युवाओं को अगले तीन वर्ष में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना में भत्ता देना।
गरीबी उन्मूलन
• पीएम पीवीजीटी योजना में अनुसूचित जनजातियों
15,000 करोड़ रुपये के लिए का प्रविधान।
• 500 आकांक्षी ब्लाकों का विकास के लिए चयन। निर्धन कैदियों को जमानत राशि देने में मदद।
नारी सशक्तीकरण
• 7.5 प्रतिशत तय वार्षिक ब्याज दर के साथ महिलाओं के लिए नई लघु बचत योजना का प्रविधान।
• 81 लाख स्वयं सहायता समूहों के जरिए देश की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण की तैयारी।
पर्यावरण संरक्षण
● 10,000 करोड़ रुपये से गोबरधन योजना में 500 वेस्ट टू वेल्थ प्लांट स्थापित करना। वैकल्पिक उर्वरक
प्रयोग के लिए पीएम प्रणाम योजना।
• पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए निधियों का आवंटन।
जल संरक्षण
• जल संरक्षण मिशन योजना के लिए 70,000 करोड़ रुपये के प्रावधान.
• कर्नाटक के सूखाग्रस्त बजट सिंचाई व पेयजल के लिए 5,300 करोड़ रुपये का आवंटन।
क्षेत्र में.
* [ रखा सभी क्षेत्रों का खयाल ]
• करदाता को राहत मध्यम वर्ग के साथ करोड़पति करदाताओं को भी राहत प्रदान की गई है। 15.5 लाख रुपये से ज्यादा आय वालों को नई व्यवस्था के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। फिलहाल पुरानी आयकर व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन सरकार की योजना इस पर पर्दा गिराने की है।
• क्षमता विस्तार
बजट में वृद्धि के साथ रक्षा क्षेत्र नए सफर पर है. एमएसएमई क्षेत्र में बगैर जमानत कर्ज देने की सुविधा जारी रहेगी। मिशन मोड में पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा। सहकारी आंदोलन में छूटी हुई पंचायतें भी आएंगी।
• समावेशी विकास
बागवानी, अनाज, दुग्ध पालन और मत्स्य पालन पर जोर है। कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को भी प्रोत्साहन मिलेगा। भारत मोटे अनाज यानी श्री अन्न का वैश्विक केंद्र बनेगा। इसे हर थाली तक पहुंचाने का प्रयास तेज होगा।
• हरित भारत
नेट जीरो उत्सर्जन 2070 का लक्ष्य पाने को ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा बदलाव के लिए 35 हजार करोड़ रुपये की योजना, लद्दाख में सौर परियोजना व ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम से आमजन व कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
• वंचितों को वरीयता
जनजातीय बच्चों के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था और सुदृढ की जाएगी। विश्वकर्मा कौशल सम्मान से कारीगरों व शिल्पकारों की स्थिति बदलने के साथ एमएसएमई से जोड़ने की तैयारी।
• युवा शक्ति
पीएम कौशल विकास योजना 4.0 में नए युग के अनुसार कोडिंग, एआइ, रोबोटिक्स, थ्री डी प्रिंटिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे। स्वदेशी एआइ के लिए देश में तीन विशेष केंद्र स्थापित होंगे।
• बुनियाद व निवेश
देश में इन्फ्रा के विकास में केंद्र सरकार पूरा जोर लगा रही है। इस क्षेत्र में निवेश के साथ रोजगार सृजन का चक्र जारी रहेगा। जीडीपी का 3.3 प्रतिशत बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च कर सरकार ने संकेत दिया है कि विकास का यही रास्ता है।
• वित्तीय संतुलन
सरकार ने खजाने की स्थिति दुरूस्त रखने पर विशेष ध्यान दिया है। राजस्व संग्रह के मोर्चे पर स्थिति सुखद है। राजकोषीय घाटा कम करने के लिए योजना बनी है। निर्यात और निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
• करदाता को राहत
मध्यम वर्ग के साथ करोड़पति करदाताओं को भी राहत प्रदान की गई है। 15.5 लाख रुपये से ज्यादा आय वालों को नई व्यवस्था के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। फिलहाल पुरानी आयकर व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन सरकार की योजना इस पर पर्दा गिराने की है।
• क्षमता विस्तार
बजट में वृद्धि के साथ रक्षा क्षेत्र नए सफर पर है. एमएसएमई क्षेत्र में बगैर जमानत कर्ज देने की सुविधा जारी रहेगी। मिशन मोड में पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा। सहकारी आंदोलन में छूटी हुई पंचायतें भी आएंगी।
• समावेशी विकास
बागवानी, अनाज, दुग्ध पालन और मत्स्य पालन पर जोर है। कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को भी प्रोत्साहन मिलेगा। भारत मोटे अनाज यानी श्री अन्न का वैश्विक केंद्र बनेगा। इसे हर थाली तक पहुंचाने का प्रयास तेज होगा।
• हरित भारत
नेट जीरो उत्सर्जन 2070 का लक्ष्य पाने को ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा बदलाव के लिए 35 हजार करोड़ रुपये की योजना, लद्दाख में सौर परियोजना व ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम से आमजन व कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
• वंचितों को वरीयता
जनजातीय बच्चों के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था और सुदृढ की जाएगी। विश्वकर्मा कौशल सम्मान से कारीगरों व शिल्पकारों की स्थिति बदलने के साथ एमएसएमई से जोड़ने की तैयारी।
• युवा शक्ति
पीएम कौशल विकास योजना 4.0 में नए युग के अनुसार कोडिंग, एआइ, रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे। स्वदेशी एआइ के लिए देश में तीन विशेष केंद्र स्थापित होंगे।
• बुनियाद व निवेश
देश में इन्फ्रा के विकास में केंद्र सरकार पूरा जोर लगा रही है। इस क्षेत्र में निवेश के साथ रोजगार सृजन का चक्र जारी रहेगा। जीडीपी का 3.3 प्रतिशत बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च कर सरकार ने संकेत दिया है कि विकास का यही रास्ता है।
• वित्तीय संतुलन
सरकार ने खजाने की स्थिति दुरूस्त रखने पर विशेष ध्यान दिया है। राजस्व संग्रह के मोर्चे पर स्थिति सुखद है। राजकोषीय घाटा कम करने के लिए योजना बनी है। निर्यात और निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।