खेतों में खड़े गेहूं के डंठलों एवं फसल अवशेषों में आग लगाये जाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री सुभाष कुमार द्विवेदी द्वारा शासन के निर्देशों के परिपालन में नरवाई में आग लगाने तथा कम्वाइन्ड हार्वेस्टर से फसल कटाई में हार्वेस्टर के साथ स्ट्रारीपर या स्ट्रा मैनेजमेंन्ट सिस्टम की अनिवार्यतः के संबंध में संपूर्ण क्षेत्र टीकमगढ़ जिले की भौगोलिक सीमाओं में खेत में खड़े गेहूं के डंठलों एवं फसल अवशेषों में आग लगाये जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश जारी होने के दिनांक से तीन माह की अवधि के लिये प्रभावशील रहेगा।
उल्लेखनी है कि किसानों द्वारा फसल काटने के बाद खेत को साफ करने की दृष्टि से खेतों की नरवाई में आग लगा दी जाती है। यह चलन कई बार लोक परिशान्ति भंग करने की स्थिति उत्पन्न करता है तथा मानव जीवन और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जिससे आस-पास की फसलों और मकानों को आग के कारण नकशान पहुंचता है। व्यापक अग्नि दुर्घटनायें होकर जन धन की हानि होती है। उससे किसी भी आपदा की स्थिति की आशंका बनी रहती है। नरवाई में आग लगाने के कारण आस-पास के खेत जिनमें गेहूं की फसल खड़ी हुई है, उसमें तथा निकट के आबादी क्षेत्र में सम्पत्ति को नुकसान होने की घटनायें पूर्व में भी हो चुकी हैं तथा वर्तमान में भी होने की संभावानें हैं।
