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हुजूर 16 हजार में तय होने के बाद भी हमने दिए 41 हजार, और नहीं दे पाए तो डॉक्टर साहेब किडनी और खून निकालने की देने लगे धमकी’

गाज़ीपुर सैदपुर क्षेत्र के भटौला स्थित एक निजी अस्पताल द्वारा जिला अस्पताल से बीएचयू के लिए रेफर गम्भीर मरीज को बरगलाकर अपने यहां भर्ती कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में मरीज के परिजनों ने अस्पताल संचालक पर अवैध उगाही और न देने पर मरीज के साथ बुरा करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। थाने पर मामले की शिकायत करने के लिए करीब 50 की संख्या में महिलाएं व पुरुष पहुंचे। भटौला में सौरभ अस्पताल संचालित है। बहरियाबाद निवासिनी गर्भवती उमा 18 पत्नी अजय वनवासी को प्रसव पीड़ा हुई। जिसके बाद उसे अस्पताल से जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर किया गया। इस बीच अस्पताल का एक वाहन चालक दलाल महिला के परिजनों को मिल गया। उसने अस्पताल संचालक से मिलवाया तो उन्होंने प्रसव का एकमुश्त खर्च पैकेज के तहत बताए हुए कहा कि 16 हजार रुपये में सब हो जाएगा। जिस पर परिजन तैयार हुए। इसके बाद वाराणसी ले जाने, जांच कराने आदि के नाम पर अस्पताल संचालक ने 16 की जगह कुल 73 हजार रुपये का बिल बना दिया। जिसमें से मंगलसूत्र आदि बेचकर किसी तरह परिजनों ने कुल 41 हजार रुपये दिए। इसके बाद अस्पताल संचालक पूरी रकम का दबाव बनाने लगा। परिजनों ने आरोप लगाया कि न दे पाने के चलते भर्ती मरीज की किडनी निकाल लेने और खून निकाल लेने की धमकी देने लगा। जिस पर कम पढ़े लिखे मरीज के परिजन डर के मारे मरीज को लेकर चले गए। जिसके बाद अस्पताल संचालक ने उल्टा मरीज के परिजनों के खिलाफ ही थाने में तहरीर दे दी। मामला थाने तक पहुंचा तो थाना प्रभारी सुरेंद्र दुबे ने अस्पताल संचालक को फटकार लगाई कि जब जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए मरीज को रेफर किया गया था तो किस अधिकार से सौरभ अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। जबकि उसकी स्थिति नाजुक थी।

अंकित दुबे ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर

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