उज्जैन चक्रतीर्थ: चबूतरे पड़े कम, जमीन पर जलाई चिताएं
बुधवार रात 9 बजे तक 40 शवों का हुआ दाह संस्कार
उज्जैन।कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं फैल कर दी हैं। स्थिति यह है कि सामान्य मृत्यु पर भी लोगों को शव वाहन नहीं मिल रहे। परिजन के लोग अपनों के शव लोडिंग आटो में डालकर चक्रतीर्थ पहुंच रहे हैं यहां हालात ऐसे हैं कि चबूतरे फुल होने पर जमीन पर चिताएं जलाना पड़ रही हैं। चक्रतीर्थ कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार रात 9 बजे तक कुल 40 शव जलाएं जा चुके थे।
चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिये नगर निगम द्वारा चबूतरे बनवाये गये हैं। नदी किनारे और विद्युत शवदाह गृह के पास दोनों स्थानों पर रात 9 बजे तक शवों का अंतिम संस्कार होता रहा। एक समय ऐसा आया कि लाशों से चबूतरे फुल हो गये लेकिन शवों का यहां पर आने का क्रम नहीं थमा। लोगों ने चबूतरा खाली होने का इंतजार किये बिना चबुतरे की बगल में खाली जमीन पर लकड़ी कंडे से चिता बनाकर शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। चक्रतीर्थ कर्मचारियों के अनुसार रात 9 बजे तक सामान्य मृत्यु पर कुल 32 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ और कोरोना संक्रमित कुल 8 शवों का अंतिम संस्कार यहां हुआ है। जिला ब्यूरो उज्जैन से विशाल जैन की रिपोर्ट✍️
