ब्यरो चीफ सुन्दरलाल जिला सोलन
,विश्व पर्यावरण दिवस पर केंद्रीय विद्यालय सुबाथू में प्राचार्य , शिक्षकों एवम् विद्यार्थियों ने किया वृक्षारोपण
केंद्रीय विद्यालय सुबाथू में बुधवार को प्राचार्य आशा चौधरी के कुशल नेतृत्व में पर्यावरण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पेड़ों के महत्व और उनके सामाजिक एवम् आर्थिक प्रभावों के बारे में सरल लेकिन प्रभावी भाषण द्वारा भूगोल शिक्षक सुनिल कुमार द्वारा की है। उन्होंने वनों की कटाई और पेड़ों की कमी से उत्पन्न विभिन्न समस्याओं एवम् मुद्दों पर प्रकाश डाला। छात्रों को ग्लोबल वार्मिंग को रोकने , प्रदूषण को कम करने और वर्षा को बढ़ावा देने में पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की भूमिका को समझने और सराहना के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्राचार्या आशा चौधरी द्वारा निर्धारित थीम ईच वन प्लांट वन के अंतर्गत विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी एवम् शिक्षक को ऐक प्लांट लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था और विद्यार्थियों एवं विद्यालय के सभी शिक्षकों ने इस आयोजन में
बहुत उत्साह से भाग लिया।
इस आयोजन के दौरान विद्यालय में लगभग 350 इंडोर प्लांट्स और 20 आउटडोर प्लांट लगाए गए। विद्यार्थियों को माई क्लास ग्रीन क्लास का थीम दिया गया था। कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा इंदौर प्लांट लगाने के बाद कक्षा का दृश्य सचमुच हरे भरे प्राकृतिक सौंदर्य में बदल गया।
विद्यालय की प्राचार्य आशा चौधरी ने बताया कि यह प्राकृतिक सौंदर्य विद्यार्थियों को प्रतिदिन आने वाले समय में पढ़ने एवं लिखने की प्रक्रिया में बहुत उपयोगी सिद्ध होगा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार विद्यार्थियों में करेगा।
विद्यार्थियों ने पौधे रोपते समय बहुत उत्सुकता दिखाई । उन्हें लगाए गए प्रत्येक पेड़ के महत्व के बारे में बताया गया और उनकी देखभाल करने के लिए सरल निर्देश दिए गए। रोजमर्रा की जिंदगी में पेड़ों का महत्व विषय पर पोस्टर मेकिंग स्लोगन राइटिंग
एवम् चित्रकला जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित। विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण दिवस पर कक्षा कक्ष में कक्षा पट्ट की सजावट की गई। छात्रों के प्रयासों में सीखने की जिज्ञासा और बदलाव लाने की इच्छा स्पष्ट रूप से देखी गई। उन्होंने यह भी जाना की वन महोत्सव मानसून के मौसम की शुरुआत में मनाया जाता है क्योंकि इस अवधि के दौरान लगाए गए पौधों के बचने की संभावना अधिक होती है। इन विभिन्न गतिविधियों ने छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्य को स्थापित करने में मदद की। प्राचार्य महोदया ने सभी विद्यार्थियों एवं अध्यापकों के इस आयोजन में भाग लेने के लिए प्रशंसा की और भविष्य में इस प्रकार के आयोजनो को इसी तरीके से बनाने बनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।