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मौत की खुशबू रहे नशे की बिक्री हो रही गांजे की!.. खुलेआम बिक रहा गांजा, मौत की खुशबू रहे नशे के सौदागर

मौत की खुशबू रहे नशे की बिक्री हो रही गांजे की!.. खुलेआम बिक रहा गांजा, मौत की खुशबू रहे नशे के सौदागर

चंद्रजीत सिंह मंडल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट

सोनभद्र जिले के युवा पीढ़ी को नशे के सौदेबाजों से बचाने के लिए हुई एक पहल

सोनभद्र:- अधिकतर सोनभद्र जिले में नशे के चक्कर में युवा पीढ़ी हो रही है, बर्बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा अपराधी और अपराध करने वालों पर नजर गड़ाए हुए हैं, वही गांजे की तस्करी खुलेआम कर रहे हैं, अपकारी अधिकारी को दिखाई नहीं दे रहा है, वह आने वाले भावी युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के चक्कर में लगे हुए हैं, जिसकी गिरफ्त में आ युवा तेजी से नशे के आदी होते जा रहे हैं और लगातार अपराध को अंजाम दे रहे हैं,
जिले में रोजाना 100 किलोग्राम से ज्यादा गांजा अवैध तरीके से बिकता है। यह गांजा तस्करी के जरिये लाया, फिर अलग-अलग ठिकानों से बेचा जाता है। पड़ताल से पता चला कि तस्करों में कानून का खौफ नहीं है। वह खुलेआम गांजा बेचते और पैसा लेते हैं। ठसक से कहते हैं कि सिस्टम को सब पता है। कुछ नहीं होगा। लिहाजा, नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश से आती है गांजा की खेप पुलिस, एसटीएफ, एएनटीएफ, एनसीबी और डीआरआई की निगरानी के बावजूद हर महीने गांजा की बड़ी खेप ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर से छत्तीसगढ़ आती है। छत्तीसगढ़ से गांजा की छोटी-छोटी खेप सोनभद्र होते हुए बनारस और पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में लाई जाती है। इसके लिए ज्यादातर कार या सवारी वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, पूर्वाेत्तर के राज्यों से गांजा की खेप पहले गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ आती है। फिर, बनारस फिर, सोनभद्र सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के तस्कर वहां जाकर ले आते हैं।
नियमानुसार गांजा मादक पदार्थों में आता है और इसकी बिक्री की नहीं जा सकती है लेकिन इसकी बिक्री ओबरा बिल्ली मारकुंडी रेलवे स्टेशन रोड, गोठानी में प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम की जा रही है।
हो भी क्यों ना जब नशे के कारोबार की सरपरस्ती खुद अपकारी विभाग के मुखिया करने लगे तो इसे बुरा भला कैसे रोका जा सकता है। गौर करें तो पौधों द्वारा छोटे-छोटे पुड़िया बनाए गए ग्राहकों को बेचना पड़ता है ताकि बेचने का कोई खतरा न रहे, यही नहीं नाबालिक बच्चों को भी खुलेआम गांजे की बिक्री उनकी सहूलियत के अनुसार की जाती है, इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी का पदभार संभालना पड़ता है। आबकारी अधिकारी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि भांग की दुकान नहीं हुआ है ओबरा गोठानी में गांजे की बिक्री बिल्कुल अवैध है अगर ऐसा है तो जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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