रिपोर्ट कपिल मिश्रा
गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पंचायती राज का गठन किया गया है, ताकि समस्या को गांव के लोग आपस मे मिलकर सुलझा सके और गांवों की छोटी, मोटी समस्या को पंचायत के सरपंच-सचिव, ग्रामवासी मिलकर दूर कर सकें। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायत में खाते में राशि आती है, जिससे पंचायत की आवश्यकता अनुसार खर्च किया जाता है लेकिन ग्राम पंचायत मलघन में नल जल योजना के मेंटेनेंस के नाम नमामि गंगे अभियान साफ सफाई के नाम पर इस योजना का पैसा विकास के बजाय फर्जी बिल लगाकर किया गया है, जहां तक हम आपको बता दें स्टेशनरी के नाम फर्जी बिल लगाएं जाते हैं ग्राम पंचायत में आज भी मूलभूत समस्या बनी हुई है। इसके समाधान करने की वजह सरकारी धन का खुला दुरुपयोग सचिव द्वारा किया जा रहा है जिस पर भी कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। पंचायती राज अधिनियम को किनारे करते हुए अपने नियम पंचायत में चल रहे पंचायत विकास करने के लिए जो राशि आती है। पंचायत अधिकारियों की चारागाह का साबित हो रही है पंचायती राज अधिनियम के सारे नियम कानून के किनारे कर अपना कानून चला रहे कोई अंकुश लगाने वाला नहीं है।
सरपंच, सचिव व संबंधित विभाग में बैठे आला अफसर की मिलीभगत दर्शाता है।