ग्राम हरिपुरा दुहावद में पदस्थ शिक्षकों की बड़ी लापरवाही
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गुना जिले से गोलू सेन की रिपोर्ट
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गुना जिले के राघोगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले प्राइमरी स्कूल ग्राम हरिपुरा दुहावद में पदस्थ शिक्षकों की बड़ी लापरवाही आ रही है सामने 7 सितंबर शनिवार को पत्रकारों का जाना इस ग्राम में हुआ जब पत्रकार की निगाह रोड के किनारे पर स्थित प्राइमरी स्कूल की तरफ गई तो स्कूल में दोपहर के समय ही ताले लगे हुए थे इस दिन कोई शासकीय छुट्टी भी नहीं थी फिर भी स्कूल का संचालन नहीं किया जा रहा था मौके पर उपस्थित ग्रामीण जनों से जानकारी लेकर स्कूल की वीडियो ग्राफी करने के बाद जिम्मेदारों को अवगत कराया गया जिम्मेदारों का कहना रहा कि हम जांच करवा कर कार्यवाही करेंगे हम आपको पूरी जानकारी और मामले से अवगत कराते हैं राघोगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम हरिपुरा दोहावद के प्राइमरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक नहीं निभा पा रहा है अपनी जिम्मेदारी इस प्राइमरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक बच्चों को मूलभूत शिक्षा भी ग्रहण नहीं करवा पाए इसी प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से पत्रकारों ने जब उनसे अपनी कक्षा का नाम पूछा तो वह नहीं बता पाए और तो और वह अपने पिताजी का नाम तक नहीं बता पाए यह बच्चे इसी ग्राम मैं स्कूल के सामने ही रहते हमें बताया गया कि यह बच्चे पटेल साहब के हैं जब पटेल साहब के बच्चे तक इस स्कूल से मूलभूत शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए तो बाकी बच्चों की क्या स्थिति होगी आप खुद समझ सकते हैं इसी ग्राम के कुछ बच्चों का कहना रहा कि यह स्कूल तो कभी कभी खुलता है कभी नहीं भी खुलता इस स्कूल में पदस्थ शिक्षक सरकार की गाइडलाइन का पालन न करते हुए अपनी ही मनमर्जी से स्कूल खोल रहे हैं और बंद कर रहे हैं आ रहे हैं तो आ रहे हैं नहीं आना तो नहीं आना ऐसे शिक्षक सरकार के साथ तो धोखाधड़ी कर ही रहे हैं बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं भारत फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बनने जा रहा है लेकिन राघोगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हरिपुरा प्राइमरी स्कूल में तो शिक्षा की उल्टी गंगा बह रही है इस स्कूल में पदस्थ शिक्षकों से शिक्षा लेकर तो यह बच्चे विश्व गुरु क्या गांव के भी गुरु नहीं बन पाएंगे कौन से राजनेता एवं प्रशासनिक अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है इन शिक्षकों को जो अपनी मनमर्जी से ही चल रहे हैं और अभी तक इन पर कोई कार्यवाही भी नहीं हुई आखिर क्यों यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को साकार नहीं होने दे रहे