प्रत्येक माता पिता को ध्रुव के समान अपने बच्चों को सश्कार देना चाहिए—-स्वामी हरिदास महराज
सोनभद्र समाचार ब्यूरोचीफ नन्दगोपाल पाण्डेय
रामगढ़। रामगढ़ के ग्राम अमिलियां में चल रहे श्रीमदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन प्रातः से हीभक्तों का जन शैलाब यज्ञ परिक्रमा करने हेतु कतार में लगा रहा। इसी दौरान ऋषिकेश से पधारे संत श्री हरिदास जी महाराज के द्वारा ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुये बताया कि भक्त ध्रुव बचपन से ही भगवान की आराधना में लीन हो गये जिसका मुख्य कारण उनके माता पिता का दिया गया संस्कार है। उसी प्रकार से प्रत्येक माता पिता को अपने बच्चों को भगवत आराधना का संस्कार देने की बात कही। कथा में वामन अवतार की कथा और उसके पश्चात् भगवान श्री कृष्ण का जन्म महोत्सव की रोचक कथा सुनायी । वृन्दावन से पधारे कलाकारों नें भगवान कृष्ण के जन्म की मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर भक्तों को भक्तिमय वातावरण बना दिया।
।इस दौरान आचार्य पृथ्वीनाथ शुक्ल और उनके टीम द्वारा श्रीमदभागवत पाठ जारी रहा। कथा में अवधेश नारायण शुक्ल, अशोक शुक्ल, विनोद कुमार शुक्ल, महेन्द्र प्रसाद शुक्ल,कृष्णकांत देव पाण्डेय,बेचन देव पाण्डेय, रमाकांत देव,मनोज धर दूबे, छोटेलाल शुक्ल,रामचंद्र मिश्र ,विनय पाण्डेय आदि भक्तगण यज्ञ में समर्पित भाव से लगे रहे।