उरई (जालौन):
अनुरागिनी संस्था द्वारा बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता पहल:
बाल विवाह एक गम्भीर सामाजिक समस्या- शुचिता चतुर्वेदी
अनुरागिनी संस्था द्वारा जनपद के छौंक कालपी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जिला प्रशासन, जनपद जालौन के सहयोग से “बाल विवाह निषेध जागरूकता संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी जी एवं यूपीसीएलडीएफ की वाइस चेयरमैन जयति श्रीवास्तव जी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कहा, “बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो न केवल बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाती है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न करती है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित और जागरूक बनाकर इस कुप्रथा को समाप्त करना होगा। जागरूकता ही परिवर्तन की पहली सीढ़ी है। यूपीसीएलडीएफ की वाइस चेयरमैन जयति श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा, “समाज में व्याप्त बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हेल्पलाइन नंबर और सरकारी योजनाओं की जानकारी हर बच्चे और अभिभावक तक पहुंचाई जानी चाहिए। कार्यक्रम में दीपा,रीमा,रिया,साम्य, सेजल, मानसी, प्रांजल, दिव्यांशी एवं मोहिनी ने एक लघु नाटक के माध्यम से बाल विवाह के दुष्प्रभावों को उजागर किया और बच्चों को बाल विवाह रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी। साथ ही, बालिकाओं को “गुड टच” और “बैड टच” के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह ने कहा, बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में अपना विकास कर सकें। अनुरागिनी संस्था इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है और करती रहेगी। जिला समन्वयक कस्तूरबा विद्यालय श्याम जी गुप्ता ने संगोष्ठी में कहा, बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस तरह के आयोजन बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। कार्यक्रम में विद्यालय की वार्डन रेवती कुमारी, पूजा भदौरिया, कुसुम लता, और मधुबाला चतुर्वेदी ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। संचालन शिक्षिका पूजा श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता जालौन के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राजावत, क्रय विक्रय सहकारी समिति के उपसभापति उदय प्रताप सिंह, कालपी सहकारी संघ के निदेशक रविन्द्र सिंह संस्था के उपाध्यक्ष बृजेश कश्यप,समन्वयक राहुल,प्रद्युम्न सिंह,हरिहर सिंह,राज प्रताप सिंह,अनेक बालिकाओं, शिक्षकों, ने सहभागिता की। संगोष्ठी का उद्देश्य बच्चों, विशेष रूप से बालिकाओं, को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को प्रेरित करना था ।
(अनिल कुमार ओझा, ब्यूरो प्रमुख
उरई -जालौन)उ.प्र.