गरियाबंद जिले मे पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद–डा. राकेश साहू
गरियाबंद : गरियाबंद जिला मे पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद है यहाँ की भौगोलिक स्थितियां पर्यटन के अनुकूल हैं। यहाँ नदी, नाला, झरना, पहाड़, देवस्थल, बाँध, अभ्यारण, उदगम स्थल, पुरातात्विक स्थल, रजवाडा महल, ईको सेंटर, वैन भैसा अभ्यारण, सीतानदी अभ्यारण, उदंती अभ्यारण, वनोपज, वन से सम्बंधित औषधि क्षेत्र मौजूद है। हीरा, एलेक्जेंडर जैसे बहुकीमती रत्नों का भण्डार गड़ा हुआ है। इस जिले मे दर्शनीय स्थल के रूप मे राजीव लोचन मंदिर राजिम, प्राचीन नगरी राजिम जो कि महानदी के तट पर बसा है जहा कुम्भ मेला का प्रतिवर्ष आयोजन होता है, यह नगरी प्रयागराज के नाम से भी जाना जाता है, इस नगरी मे देश के कोने-कोने से लोग मृत्यु पश्चात मोक्ष हेतु महानदी जिसका प्राचीन नाम चित्रोपला है, अस्थि का विसर्जन करने आते हैं। इस नगरी मे देश–विदेश से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। गरियाबंद जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल के रूप में कुलेश्वर महादेव राजिम, भक्त माता कर्मा मंदिर राजिम, वल्लभाचार्य मंदिर चंपारण, चम्पेश्वर महादेव मंदिर चंपारण, कोपेश्वर महादेव कोपरा जो तालाबो की नगरी के नाम से भी जाना जाता है, कर्णेश्वर महादेव मंदिर कनेकेरा, गोंडवाना फिंगेश्वर का प्राचीन राजमहल, फणिकेश्वर महादेव फिंगेश्वर, छुरा का प्राचीन गोंडवाना राजमहल, गरियाबंद का प्राचीन तहसील कार्यालय जो कि प्राचीन गोंडवाना राजवंश का महल, छुरा का मलेवा पहाड़, घटा रानी जल प्रपात गरियाबंद के नजदीक चिन्गरा पगार झरना पैरी नदी कुकदा बैराज, जतमई पीठ, सिरकट्टी का प्राचीन बंदरगाह, संत भुवनेश्वरी शरण दास पीठ, राम सीता मंदिर कुटेना, कचना ध्रुवा मंदिर बारूका, कचना ध्रुवा झाल्खम्हार, गजपल्ला झरना, टेगनही माता मंदिर, सीतला मंदिर छुरा, प्राचीन शिव मंदिर टोनही डबरी, भूतेश्वर महादेव पारागाव गरियाबंद जो कि विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग है, साई मंदिर गरियाबंद, दुर्गा मंदिर गरियाबंद, शीतला मंदिर गरियाबंद, गौरी शंकर मंदिर गरियाबंद, रानी मठ बिंद्रानवागढ़, कचना ध्रुवा बिन्द्रानावागढ़, ओड़, आमामोरा नगरार, कुकरार, डडई पानी, भालू डिग्गी पहाडी में बसे वन ग्राम, सिकासार बाँध, तौरेंगा बाँध, पैरी नदी उदगम स्थल भाठीगढ़, शिव मंदिर भाठीगढ़, देव दहरा कुल्हाड़ी घाट, बुढा राजा मंदिर कुल्हाड़ी घाट, बूढादेव मंदिर मैनपुर कला, बाजा घाटी मंदिर, तौरेंगा का प्राचीन मीठा जल का कुआ, गोढ़ेना जलप्रपात, ऋषी झरण झरना, कांदा डोंगर, काली मंदिर छेलडोंगरी, चौकसील मेला काली मंदिर देवभोग पूर्व प्रधानमंत्री माननीय स्व. श्री राजीव गांधी जी का गोद स्थली ग्राम है, ग्राम कुल्हाड़ीघाट आदि है। पर्यटन को यदि बढ़ावा देना है तो इस क्षेत्र के नेशनल हाईवे मार्ग का चौडीकरण करने एवं ग्रामो को जोड़ने वाली छोटी सडको का विकास एवं निर्माण किया जाना आवश्यक है जिससे कि राह सुगम तथा सरल हो जाय | देश के पर्यटकों विदेशी पर्यटकों को प्राकृतिक छटा एवं जीवंत पर्यावरण का नजदीक से निहारने एवं देव स्थानों, प्राचीन स्थानो, पहाड़ आदि का दर्शन करने हेतु आकर्षित करेगा। शासन के द्वारा जगह-जगह पर्यटन स्थलों मे मोटल, प्रसाधन गृहों का बड़े पैमाने पर निर्माण की आवश्यकता होगी। होटल उद्योग हेतु स्थानीय एवं निजी क्षेत्र के बड़े उद्यमीयो को आमंत्रित करने की आवश्यकता है साथ ही साथ स्थानीय कुटीर एवं घरेलु उद्योग का विकास किया जाना जरूरी होगा । स्थानीय युवाओं को रोजगार हेतु कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। स्थानीय सांस्कृतिक कला मंचतथा आदिवासी संस्कृति कला मंच का विकास करना होगा | गरियाबंद जिला मे अनुसूचित जन जाति जहा बहुतायत मे गोंड जनजाति विशेष पिछड़ी जन जाति भुजिया, कमार जनजाति निवासरत है। अनुसूचित जनजातियो के सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन करने हेतु आने वाले देश-विदेश के शिक्षाविदो, शोधार्थियों, का भी इस क्षेत्र में निश्चित रूप से आगमन होगा, साथ ही साथ पर्यावरणविदो उद्योगपतियों, के साथ-साथ फिल्म उद्योगों को भी यह क्षेत्र आकर्षित करेगा | इस प्रकार से निश्चित रूप से क्षेत्र मे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही साथ इस क्षेत्र का विकास होगा तथा स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार का सुअवसर प्राप्त होगा।