नेशनल पब्लिक स्कूल में हृदयघात होने पर बचाव के बताए गए उपाय
एंबुलेंस आने तक लगातार देते रहें सीपीआर
सहारनपुरः ज्वालानगर स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में वरिष्ठ फिजिशियन डा. संजीव मिगलानी ने शिक्षिकाओं और बच्चों को कार्डियो पल्मोनरी रिससीटेशन (सीपीआर) देने का तरीका समझाया।
डा. संजीव मिगलानी ने बताया कि हृदयाघात होने, हाई वोल्टेज बिजली का झटका लगने या डूबने के कारण अगर किसी की धड़कन थम जाएं। तो सबसे पहले सांस और नब्ज चेक करें। अगर सांसें और नब्ज बंद हो तो उसे तत्काल सीपीआर देना शुरू करें और साथ ही एंबुलेंस को फोन कर दें। एंबुलेंस आने तक उसे सीपीआर देते रहें, इससे उसकी जान बचाई जा सकती है। शिक्षिका मनस्वी सेतिया, प्रबंधक सुरेंद्र चौहान समेत छात्र-छात्राओं ने भी सीपीआर देने का अभ्यास किया।
स्कूल की डायरेक्टर हरसिमरत कौर चौहान, प्रधानाचार्य सिंपल मकानी, शिक्षिका दीप्ति गोयल, प्रीति शर्मा, सपना कालड़ा, सोनम अरोड़ा, दीप्ति गोयल आदि उपस्थित रहे।
डा. मिगलानी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अभ्यास करने के बाद सीपीआर दे सकता है।
सीपीआर देने की प्रक्रिया की जानकारी है तो आप भी आसपास ऐसी घटना होने पर मरीज की जान बचा सकते हैं।
हृदयघात होने पर इन बातों का रखें ध्यान
• बेहोश व्यक्ति को पीठ के बल लिटाकर छाती के बाई ओर मध्यभाग में दोनों हथेलियों से 30 बार दबाएं
• मरीज की ठोडी को आगे से उठाएं ताकि उसकी सांस की नली खुल जाए। फिर उसे दो बार मुंह से सांस दे।’
• एंबुलेंस आने या धड़कन शुरू होने तक इस प्रक्रिया को दोहराते रहें।
• अगर मरीज की धड़कन शुरू हो जाए तो उसे दायीं ओर करवट लेकर लिटा दें।
रिपोर्टर रमेंश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़