17 फरवरी से 26 फरवरी तक लगेगा पचमढ़ी का सुप्रसिद्ध महादेव मेला
नर्मदापुरम से राजेंद्र धाकड़ की रिपोर्ट-
ट्रैफिक, पार्किंग, पहुंच मार्ग, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ विद्युत सहित अन्य व्यवस्थाओं की
कलेक्टर और एसपी ने की समीक्षा।
मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन एवं पर्यटन स्थल पचमढ़ी में इस वर्ष 17 फरवरी से 26 फरवरी तक महादेव मेला आयोजित किया जाएगा। नर्मदापुरम कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना एवं पुलिस अधीक्षक डॉ गुरकरन सिंह ने बुधवार को पचमढ़ी में महादेव मेले की तैयारियों की समीक्षा की। पचमढ़ी स्थित चंपक बंगलो होटल में प्रशासनिक अधिकारियों सहित मेला समिति सदस्य, एवं मंडलों की उपस्थिति में महादेव मेला की तैयारी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एसएस रावत द्वारा मेले की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गईं। उन्होंने बताया कि मेले में मध्य प्रदेश और विशेषकर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मेला अवधि में लगभग 5 से 6 लाख श्रद्धालु पचमढ़ी पहुंचते हैं।
ट्रैफिक, पार्किंग, वाहनों के लिए रूट एवं उनके परिचालन के लिए बनाएं सुव्यवस्थित कार्ययोजना
बैठक में बताया गया कि पूर्व वर्ष की तरह इस बार भी पचमढ़ी में बड़ी बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जिसके लिए मटकुली पर एक चेक पॉइंट बनाया जाएगा। साथ ही पगारा के पास भी एक चेक पॉइंट रहेगा। इस प्रकार दोनों चेक पॉइंट के माध्यम से वाहनों का प्रबंधन किया जाएगा। कलेक्टर सुश्री मीना ने ट्रैफिक पुलिस सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला अवधि के दौरान ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन किया जाए। चिन्हित पार्किंग स्थलों पर भी पर्याप्त रोशनी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी रहें। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल पर प्रवेश और निकासी के पृथक द्वार तैयार करें जिससे कि वाहनों का आवागमन आसानी से होता रहे। मेला अवधि के लिए संचालित होने वाले वाहनों के भी आवश्यक परमिट जारी किए जाएं। महादेव मार्ग पर संचालित जिप्सी के पिकअप एवं ड्राप पॉइंट निर्धारित किए जाएं साथ ही कुछ जिप्सी वाहनों की उपलब्धता रिजर्व वाहनों के लिए भी की जाए।
लोक निर्माण विभाग समय पर पूर्ण करें सभी आवश्यक मरम्मत कार्य
कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को मेला स्थल तक आने जाने वाले मार्ग में आवश्यक मरम्मत शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को मेला स्थल पहुंच मार्ग और चौरागढ़ मंदिर की क्षतिग्रस्त सीढ़ियां और चबूतरों की मरम्मत तथा नांदिया जंक्शन की तरफ से प्रवेश मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नांदिया के समीप कच्चे रास्ते पर पानी का छिड़काव भी करें जिससे की धूल आदि का गुबार ना उड़े।
पेयजल संबंधी कोई भी समस्या उत्पन्न ना हो इसका विशेष तौर पर रखे खयाल
कलेक्टर ने कहा कि मेला क्षेत्र में पेयजल की भी बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग को पेयजल की सुचारू आपूर्ति एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि पाइपलाइन की टेस्टिंग कर सुनिश्चित करें कि सभी नल चालू स्थिति में रहे। उन्होंने कहा कि मेला स्थल, मंदिर पहुंच मार्ग, सभी सेक्टर सहित अन्य आवश्यक स्थानों पर पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे साथ ही पानी की स्वच्छता की जांच किया जाना भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ पिपरिया को निर्देशित किया कि साडा के साथ समन्वय कर पानी के टैंकरों को भी यथा उचित स्थान पर रखा जाए तथा समय-समय पर उनकी रिफिलिंग भी की जाती रहे।
पुख्ता एवं निर्बाध हो विद्युत व्यवस्था
कलेक्टर ने बैठक में मेला क्षेत्र में बिजली की भी सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाने के निर्देश विद्युत विभाग के उपस्थित अधिकारी को दिए। कलेक्टर सुश्री मीना ने कहा है कि सुरक्षा मानदंड के अनुसार सभी जगह सुरक्षित विद्युत कनेक्शन किए जाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश जारी किए की संपूर्ण मेला अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के ब्लाइंड स्पॉट्स ना छोड़े सभी जगह पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था आवश्यक रूप से की जाए।
स्वच्छता एवं साफ सफाई का रखें विशेष ध्यान