चित्रकूट जनपद के कर्वी तहसील के पहाड़ी ब्लाक के तौरा ग्राम पंचायत के सिकरिया मजरे में बन रहे इंटरलॉकिंग रोड में प्रधान और सचिव के द्वारा किया जा रहा भारी घोटाला आपको बता दें कि यहां जुड़ाई के कार्य पर बालू डस्ट का प्रयोग कर 8 तगारी डस्ट और एक तगड़ी सीमेंट मिलाकर जुड़ाई कराई जा रही है।

जब के शासकीय मानक में कहीं भी डस्ट बालू का प्रयोग करना अवैध है और जुड़ाई का कार्य 5 एक से अधिक नहीं होना चाहिए मनरेगा के कार्य में प्रधान और सचिव का दबाव इतना भारी है कि मिस्ट्री और लेबर मीडिया के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है वही गांव के नागरिकों का कहना है कि यहां 8 एक का मसाला लगाकर जुड़ाई की जाती है और जुड़ाई ऐसी है कि कोई भी व्यक्ति एक एक ईट अलग-अलग दीवाल की निकालकर बिना किसी औजार या धक्का दिए निकाल सकता है ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान और सचिव के कार्यों की शासन प्रशासन के द्वारा कोई समीक्षा नहीं की जाती है इस कारण से मनरेगा के कार्यों का पैसा बिना जांच पड़ताल के लाखों का बिल निकल आता है जिस कारण से इन लोगों की मनमानी हमेशा रहती है लोगों का कहना है कि इन्हीं कारणों के द्वारा प्रधान और सचिव के द्वारा कराया गया कोई भी कार्य अपनी निश्चित अवधि के पहले ही खराब हो जाता है प्रधान और सचिव गांव के एक ही कार्य को इधर-उधर करके सरकारी रुपयों से मालामाल हो रहे हैं और गांव की जनता जब कभी भी कोई बात प्रधान या सचिव से बोलती है तो इन लोगों का एक ही जवाब होता है कि जब पैसा आ जाएगा तो कार्य हो जाएगा कई गांव में तो ऐसे भी हुआ है के गांव के अंदर कि कई रोड़े बनी ही नहीं है और उनका पैसा निकल चुका है लोगों का कहना है कि मनरेगा के कार्य पूरा होने के बाद समीक्षा करा कर यदि सरकार द्वारा भुगतान किया जाए तो गांव का कार्य सही हो सकता है अन्यथा सरकार के पैसों का सही उपयोग ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत होना असंभव है नाम ना छापने का निवेदन करते हुए एक व्यक्ति ने बताया कि रामभरोसे काम चल रहा है लेकिन गांव दारी के चलते कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है इसी वजह से प्रधान और सचिव हर कार्य में लाखों का घोटाला कर रहे हैं अब देखना यह है कि समाचार के बाद कार की समीक्षा कर सही कार्य कराया जाता है या फिर कमीशन के बल पर सब सही हो रहा है।
ब्यूरो रिपोर्टर संजय मिश्रा चित्रकूट उत्तर प्रदेश