ग्रामीण विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
के के सी महाविद्यालय सरदारशहर में दिनांक 23 अप्रैल 2025 को यूनिसेफ राजस्थान के सहयोग से महाराजा गंगा सिंह सतत विकास पीठ द्वारा ग्रामीण विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका शीर्षक पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें चूरू जिले की उच्च शिक्षण संस्थाओं ने अपनी भागीदारी निभाई ।कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलित करके की गई ।सभी अतिथियों का स्वागत संस्था निदेशक डॉक्टर किशोर सिंह राठौड़ द्वारा किया गया । संस्था के निदेशक डॉक्टर किशोर सिंह राठौड़ एडवोकेट वीरेंद्र सिंह राठौड़ व प्राचार्य प्रदीप चौहान ने प्रोफेसर राजाराम चोयल बीकानेर महाविद्यालय का साफा माला व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया ।इसी क्रम में पधारे हुए अन्य अतिथि प्रोफेसर अमित पांडे, निर्मल गहलोत, विक्रम सिंह राघव मनीष सिंह ,सफकत हुसैन आदि का भी माला साफा व प्रतीक चिन्ह द्वारा सम्मान किया गया । प्रोफेसर राजाराम चोयल ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय की तरफ से उद्बोधन करते हुए ग्रामीण क्षेत्र की धरातलीय समस्याओं पर विचार व्यक्त करते हुए। पधारे हुए अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के महानुभावों से उन्नत भारत अभियान में जुड़कर ग्रामीण विकास में अपने संस्थानों का योगदान देने का आवाहन किया । प्रोफेसर निर्मल गहलोत आईआईटी जोधपुर ने उन्नत भारत अभियान पर संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास के उद्देश्यों व आगे की राह पर किस प्रकार कार्य करना है के बारे में बताया व अपने निजी अनुभव साझा किए । यूनिसेफ सलाहकार विक्रम सिंह राघव द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के सतत लक्षण का स्थानीयकरण किस प्रकार से किया जाए ,जिससे ग्रामीण क्षेत्र का बुनियादी विकास संभव हो सके पर प्रकाश डाला तथा सफकत हुसैन यूनिसेफ ने सतत लक्षणों की प्राप्ति में महाविद्यालय संस्थाओं के विद्यार्थियों को आगे आकर अपना सहयोग देने का अनुरोध किया व बताया कि हमें ग्रामीण विकास के लिए सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र को भी अपनी भूमिका निभानी होगी ताकि हम ग्रामीण विकास के लक्षण को आसानी से प्राप्त कर सकें । लोहिया कॉलेज के सहायक आचार्य शांतनु डाबी द्वारा भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए गए । कार्यशाला के खुली चर्चा सत्र को संबोधित करते हुए राजाराम चोयल द्वारा स्पष्ट किया गया कि हमें ग्रामीण विकास व सतत लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु अपना पूर्ण योगदान देना होगा । आज भी ग्रामीण क्षेत्र आर्थिक सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में पिछड़े हुए हैं उसे पिछड़ेपन को उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है । खुली चर्चा के दौरान बताया गया कि उच्च शिक्षण संस्थान उन्नत भारत योजना के साथ किस प्रकार से जुड़कर अपना योगदान निभा सकते हैं ।संस्था निदेशक डॉ किशोर सिंह राठौड़ द्वारा कार्यशाला में प्रतिभागी सभी विद्वान जनों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए व बताया कि महाविद्यालय परिवार उन्नत भारतीय योजना के साथ जुड़ा हुआ है तथा इसके माध्यम से गोद लिए गए गांव का महाविद्यालय छात्रों द्वारा सर्वे किया गया व गांव की समस्याओं तथा उनके विकास पर छात्र व ग्रामीणों के मध्य संवाद के माध्यम से उनमें जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है ।
प्रोफेसर अमित पांडे एमजीएसयू बीकानेर ने कार्यशाला में पधारे हुए सभी विद्वान जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया । केकेसी पीजी महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डॉ प्रदीप चौहान ने सभी अतिथियों व विद्वान जनों का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन एनएसएस अधिकारी जगदीश कुमार द्वारा किया गया ।एकदिवसीय कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त व्याख्यातागण उपस्थित रहे।
सत्येंद्र राजवंशी, ब्यूरो चीफ बीकानेर