हजारीबाग में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ बगावत, डीसी दरबार में गूंजी अभिभावकों की आवाज
री-एडमिशन फीस, जबरन खरीदारी और फीस वृद्धि जैसे मुद्दों पर समाजसेवी अभिषेक कुमार ने सैकड़ों अभिभावकों संग डीसी से की शिकायत, 22 मई को निगरानी समिति गठन का मिला भरोसा
हजारीबाग – जिले के निजी स्कूलों द्वारा फीस और अन्य मदों में की जा रही मनमानी के खिलाफ समाजसेवी एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी अभिषेक कुमार सोमवार को सैकड़ों अभिभावकों के साथ उपायुक्त के जनता दरबार पहुंचे। इस दौरान घंटों तक उनकी अधिकारियों के साथ बैठक चली, जिसमें अभिभावकों ने अपनी पीड़ा खुलकर साझा की।
अभिषेक कुमार ने बताया कि हजारीबाग के अधिकांश निजी स्कूल ‘री-एडमिशन’ के नाम पर अभिभावकों से अनावश्यक शुल्क वसूल रहे हैं। इसके अलावा फीस की नई श्रेणियाँ बनाकर परोक्ष रूप से धन उगाही की जा रही है। स्कूल प्रशासन अभिभावकों पर यह भी दबाव बना रहा है कि किताबें, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म स्कूल से संबद्ध दुकानों से ही खरीदी जाएं — जो न केवल गैरकानूनी है, बल्कि स्पष्ट रूप से आर्थिक शोषण है।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के अनुसार स्कूलों को हर दो वर्षों में अधिकतम 10% फीस बढ़ाने की अनुमति है, लेकिन वर्तमान में 20 से 30% तक की वृद्धि कर दी गई है। इस मनमानी का सीधा असर मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के अभिभावकों पर पड़ रहा है, जिससे कई लोग मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं।
कानून का हो रहा उल्लंघन
अभिषेक कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2017 में झारखंड सरकार द्वारा पारित अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक निजी स्कूल को अपनी कुल क्षमता का 25% सीटें बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं, लेकिन अधिकांश स्कूल इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। ना ही अब तक इस संबंध में कोई प्रभावी निगरानी समिति गठित की गई है।
उपायुक्त का आश्वासन: 22 मई को गठित होगी निगरानी समिति
बैठक के दौरान उपायुक्त ने समाजसेवी अभिषेक कुमार को आश्वस्त किया कि 22 मई को एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो निजी स्कूलों की गतिविधियों की जांच करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी स्कूल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने कहा, “मैं स्वयं इन मामलों की निगरानी करूंगी। किसी भी निजी विद्यालय के खिलाफ यदि शिकायत है तो लिखित आवेदन दें, उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।”
इसके साथ ही उपायुक्त ने अभिषेक कुमार को आश्वासन दिया कि समिति की बैठकों में उन्हें भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि जनहित की बात को सीधे समिति तक पहुंचाया जा सके