जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
आए दिन हो रहे हादसे, स्थानीय प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
पलेरा।। सड़कों पर भटक रहा गौवंश राहगीरों के की लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। यह चिंता का विषय है कि गौशालाएं भी बंद पड़ी हैं। कई जगहों पर पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और इससे लोगों और पशुओं दोनों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।गौरतलब है कि सड़कों पर गौवंश की मौजूदगी के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है। पलेरा जनपद क्षेत्र की गौशालाएं बंद पड़ी हैं, जिससे आवारा पशुओं के लिए आश्रय की कमी हो गई है, वहीं लगातार बारिश होने से गौवंश को खुले आसमान के नीचे मजबूरन खड़े होना पड़ रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तमाम जिलों के कलेक्टर्स को पिछले दिनों आदेश दिया गया है कि गौवंश की गौशाला में मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। किसी भी सूरत में सड़कों और गली-मोहल्ले में गौवंश की मौजूदगी नजर नहीं आनी चाहिए, लेकिन सीएम का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है। मजे की बात तो यह है कि गौशाला संचालक व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। गौवंश सड़कों और गली-मोहल्लों में अपने पेट की भूख मिटाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन गौवंश की भूख के हिस्से से गौशालाओं के संचालक अपना पेट भर रहे हैं। क्षेत्र में गौशालाओं के संचालन के नाम पर मिलने वाला सरकारी अनुदान हड़पा जा रहा है। इस भ्रष्टाचार में सिर्फ गौशालाओं के संचालक ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार प्रशासनिक अमला भी शामिल है। जांच होते ही वरिष्ठ अधिकारी भ्रष्टाचार में लिफ्ट लोगों से जवाब तलब भी करते हैं, लेकिन दूसरों के खिलाफ कार्रवाई न के बराबर होती है।।