नदी का जलस्तर बढ़ने से चन्देना कोली में किसानों की सैकड़ों बिगहा फसल बर्बाद
हर वर्ष इस आपदा के कारण आर्थिक संकट से जूझते हैं सैकड़ों किसान: डॉ प्रशान्त कुमार
तल्हेडी बुजुर्ग- गांव चन्देना कोली के जंगलों मे आए तेज रफ़्तार पानी के कहर से सैंकड़ों बिगहा फसलें धराशाई हो गई है।फसलों की तबाही से आहत पीड़ित किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज रफ़्तार भारी बारिश के कारण शुक्रवार को हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ गया था। पानी के तेज बहाव के चलते गांव चन्देना कोली व भगवानपुर के सड़क मार्ग सहित खेतों में करीब तीन फीट ऊंचाई तक पानी का जलस्तर दिखाई दिया। जिसके कारण सैंकड़ों बिगहा गन्ने व धान की फसलें धराशाई हो गई है। भीषण जल प्रकोप से आहत पीड़ित किसानों अनिल राणा,अमित राणा ,दिनेश बनिया ,अनिल पुत्र घनश्याम ,अनिल पुत्र सोमपाल राणा ,रिंकू पुत्र विजेंद्र, सुरेंद्र पुत्र जमादार ,लील्लू पुत्र कदम ओर मास्टर राजेंद्र ने बताया कि करीब तीन किलोमीटर तक चन्देना कोली व भगवानपुर के मध्य पानी के तेज बहाव से दोनों गांवों का सम्पर्क टूट गया था।जिसके कारण किसानों को पशुओं के लिए चारा लाने में भी भारी समस्या का सामना करना पड़ा। उधर चन्देना कोली निवासी डॉ प्रशान्त कुमार ने बताया कि। किसानों की सैकड़ों बिगहा गन्ने व धान की फसलें नदी में आए पानी के उफान से तबाह हो चुकी है। उनका कहना है कि हर वर्ष इन दोनों गांवों के किसान इस आपदा से प्रभावित होते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा है कि गांगनौली बजाज शुगर मिल द्वारा गन्ने का बकाया भुगतान नहीं कराया गया है जिसके कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसलिए जिन किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदा से भारी नुक़सान पहुंचा है उन्हें जल्द से जल्द सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शनिवार को नदी में पानी का जलस्तर कम दिखाई दिया जिससे किसानो ने राहत की सांस ली है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़