कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि पिछले माह की तुलना में शिकायतों के निस्तारण में सुधार हुआ है, लेकिन जनपद की कुल रैंकिंग अभी भी संतोषजनक नहीं है।
मत्स्य विभाग की सबसे खराब स्थिति
समीक्षा में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली सबसे कमजोर पाई गई। विभाग के सभी 7 मामलों में असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने मत्स्य अधिकारी का वेतन रोकने का आदेश दिया।
इसी तरह दुदही नगर पंचायत ईओ के 10 में से 7 मामलों में भी असंतोषजनक फीडबैक मिला।
अन्य विभाग भी घेरे में
सीएमओ कार्यालय : 98 में से 66 मामलों में नकारात्मक फीडबैक
उपायुक्त उद्योग : 17 में से 10 मामलों में लोग असंतुष्ट
डीडीओ : 208 में से 120 मामलों में नकारात्मक फीडबैक
पडरौना ईओ : सभी 6 मामलों में असंतुष्ट फीडबैक
डीएम का सख्त निर्देश
डीएम ने साफ कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री स्वयं इस पर गंभीर हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
हर शिकायत का स्थलीय निरीक्षण कर पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए।
रोजाना मिलने वाले आवेदन आईजीआरएस में दर्ज कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
आगामी बैठकों में अधिकारी शिकायतों का पूरा विवरण लेकर आएं।
निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता का पक्ष सुनना और उन्हें परिणाम से अवगत कराना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीआरएस का पैरामीटर बदल चुका है, इसलिए असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों में विशेष ध्यान देकर सही समाधान सुनिश्चित किया जाए।
India TV Rajesh Maurya ke