ग्वालियर 12 सितम्बर,2025| गार्बेज शुल्क की विसंगति को दूर करने को लेकर मध्यप्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्बारा नगर निगम परिषद के सभापति-श्री मनोज सिंह तोमर एवं नेता प्रतिपक्ष-श्री हरि पाल को उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपा| इस अवसर पर अध्यक्ष-डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी सचिव-दीपक अग्रवाल एवं मानसेवी संयुक्त सचिव-पवन कुमार अग्रवाल उपस्थित रहे|
पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि गार्बेज शुल्क के युक्तियुक्तकरण के बाद भी इसकी विसंगतियों पूर्ण रूप से दूर नहीं हुई हैं| इसका खामियाजा खासतौर से उन व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है जिनका व्यवसायिक एरिया 1000 वर्गफीट से अधिक है| गार्बेज शुल्क में युक्तियुक्तकरण पश्चात 1000 वर्गफीट से अधिक एरिया के लिए कोई दर निर्धारित नहीं है, इसलिए पूर्व की दर लागू होना चाहिए| पूर्व की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि उसे भी समायोजित किया जाना चाहिए| जब तक यह संशोधित नहीं हो जाता है तब तक पूर्व में 1000 वर्गफीट से अधिक के लिए जो दर निर्धारित थी, उससे ज्यादा दर नहीं वसूल की जा सकती है| वर्तमान में गोडाउन का एक स्लेब सॉफ्टवेयर में बना दिया गया है जबकि प्रचलित आदेश में गोडाउन की कोई श्रेणी ही नहीं है| इसलिए गोडाउन शब्द को हटाकर कॉमर्शियल या गैर घरेलू शब्द जो पूर्व में था उसी अनुसार गार्बेज शुल्क लिया जाना चाहिए|
पदाधिकारियों ने बताया कि शहर में स्थापित शोरूम, बैंक, फायनेंस ऑफिस, सर्विस सेक्टर कार्यालय, वेयर हाउस, पेट्रोल पंप, शोरूम सह वर्कशॉप, गोडाउन आदि पर गारबेज शुल्क की दरें संशोधित नहीं की गईं हैं क्योंकि गार्बेज शुल्क के युक्तियुक्तकरण का जो प्रस्ताव संशोधित होकर आया है उसमें 22.09.2020 के संकल्प क्रमांक-102 को शामिल नहीं किया गया था| इस कारण शोरूम, बैंक, फायनेंस ऑफिस, सर्विस सेक्टर कार्यालय, वेयर हाउस, पेट्रोल पंप, शोरूम सह वर्कशॉप, गोडाउन पर दरें अत्याधिक हैं| इनका भी युक्तियुक्तकरण होना चाहिए| गार्बेज शुल्क की इन विसंगतियों के बाद ही नये गार्बेज शुल्क पर विचार किया जाना चाहिए|
नगर निगम परिषद के सभापति-श्री मनोज सिंह तोमर एवं नेता प्रतिपक्ष-श्री हरि पाल द्बारा चेम्बर द्बारा रखी गई बातों को गंभीरता से सुना एवं गार्बेज शुल्क की विसंगतियों को दूर करने के लिए समुचित कार्यवाही का आश्वासन दिया|
रिपोर्ट गजेन्द्र सिंह यादव