बगरैन। क्षेत्र के गांव शहीद हरिओम नगर इटौआ के सरकारी स्कूल में 40 बच्चे होने के कारण स्कूल बंद कर दिया गया है। दूसरे करीब डेढ़ किमी दूर वरीपुरा में इसे विलय किया गया है लेकिन इस स्कूल के बच्चे वहां पढ़ने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है। क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने इस स्कूल को पुन: संचालित किए जाने के प्रयास करने को कहा है।
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करगिल शहीद जवान के गांव इटौआ में प्राइमरी स्कूल का विकास खंड वजीरगंज की ग्राम पंचायत वरीपुरा में विलय कर दिया। उसके बाद से इटौआ का स्कूल बंद कर दिया गया है। यहां पर 40 बच्चे थे। अब वह बच्चे डेढ़ किमी दूर के विद्यालय वरीपुरा नहीं जा रहे हैं। इन बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है। विलय हो जाने के बाद अध्यापक दिनेश कुमार सिंह व स्वाति को दूसरे स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया है। अब इटौआ स्कूल में ताला लगा है।
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शासन स्तर से इस गांव को अंबेडकर गांव घोषित कर विकसित किया गया है। कारगिल में शहीद हुए हरिओम सिंह के नाम पर इस गांव का नामकरण किया गया है। स्कूल में ताला लग जाने के बाद बच्चों का भविष्य अंधकार में हो गया है। समाजसेवी विजय कुमार ने कहा कि उनके गांव के स्कूल का विलय नहीं होना चाहिए। जिस जगह इस स्कूल को विलय किया गया है, वह काफी दूर है। छोटे-छोटे बच्चों को इससे खतरा है।
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वेदपाल सिंह कठेरिया ने कहा कि इटौआ का प्राइमरी स्कूल बंद होने से गांव के बच्चों का भविष्य खराब होगा। शहीद का गांव होने के कारण इस स्कूल को बंद नहीं किया जाना चाहिए था। शिक्षक धीरेश सिंह ने कहा कि शिक्षा पाने का अधिकार सभी को है अगर, गांव के बच्चे अशिक्षित रह जाएंगे तो क्षेत्र का विकास कैसे हो पाएगा।
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ITN NATIONAL
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शहीद हरिओमनगर इटौआ का सरकारी स्कूल बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रयास होगा कि इस स्कूल में शिक्षा की व्यवस्था जारी रहे। इसके लिए उच्च स्तर पर प्रयास करेंगे। – -रितेश चौहान,भाजपा मंडल अध्यक्ष बहरैन
इंडियन टीवी न्यूज
बदायूं जिला रिपोर्टर
दीपेन्द्र राजपूत