उपायुक्त के जनता दरबार में सुनी गई आमजनों की समस्याएं, कई मामलों में तुरंत जांच के निर्देश
हजारीबाग संवाददाता । उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार (14 अक्टूबर 2025) को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने दूर-दराज से आए ग्रामीणों के आवेदन एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को मामलों के त्वरित एवं संवेदनशील निपटारे का निर्देश दिया।
जनता दरबार में मुख्य रूप से पेंशन स्वीकृति, राशन कार्ड त्रुटि सुधार, आवास योजना, आपूर्ति व्यवस्था, एनटीपीसी मुआवजा, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), छेड़खानी, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, रोजगार एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
जनता दरबार के प्रमुख मामले और निर्देश:
प्रधानाध्यापक से अभद्र व्यवहार और धमकी:
केरेडारी राजकीयकृत मध्य विद्यालय, सलगा के प्रधानाध्यापक सुखदेव यादव ने सहायक शिक्षक प्रेमनाथ कुमार महतो द्वारा अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की। उपायुक्त ने इस पर तत्काल जिला शिक्षा अधीक्षक को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
15वें वित्त आयोग की राशि में गबन की शिकायत:
ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि मुखिया द्वारा गबन करने और गलत तरीके से उपयोग में लाने की शिकायत की गई। इस पर उपायुक्त ने बीडीओ केरेडारी को जांच का आदेश दिया।
जालसाजी कर जमीन हड़पने का आरोप:
कटकमदाग, नावाडीह निवासी देवेंद्र नाथ ओझा ने नावाडीह अंतर्गत खाता संख्या 37 थाना संख्या 85 प्लॉट की जमीन को जालसाजी कर गलत तरीके से हड़पने की शिकायत की। उपायुक्त ने सीओ कटकमदाग को विधि सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया।
एलपीसी निर्गत न होने का मामला: दारू अंचल की देवतन देवी ने लंबे समय से एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) निर्गत नहीं होने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने सीओ दारू को जमीन की स्थिति की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
महिला प्रशिक्षिका पर जानलेवा हमला:
राज्य संपोषित प्लस टू उच्च विद्यालय, हरली, बड़कागांव में कार्यरत एक व्यावसायिक प्रशिक्षिका ने रूपेंद्र कुमार नामक पुरुष द्वारा बाइक से पीछा कर रास्ता रोकने तथा जानलेवा हमला करने के गंभीर मामले को उपायुक्त के संज्ञान में लाया। उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसडीपीओ बड़कागांव से टेलीफोन पर वार्ता कर जांच करने और संबंधित पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को पुनः
निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेकर निर्धारित समय सीमा में निष्पादित करें, ताकि आमजनों को राहत मिल सके। जिला जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग द्वारा जारी