कोकिलावन चौकी इंचार्ज कुंजल चौधरी पर घातक सड़क दुर्घटना में गंभीर लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण एक व्यक्ति की मौत होने के बावजूद, पुलिस जांच में दोषी करार दिए जाने पर भी विभागीय कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में रोष बढ़ा। परिजनों द्वारा लगातार न्याय की मांग उठाए जाने के बाद भी प्रशासन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद चौकी इंचार्ज का अपने पद पर बने रहना पुलिस सिस्टम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।
नंदगांव / मथुरा
📝 KHABAR (15 लाइन)
कोकिलावन चौकी इंचार्ज कुंजल चौधरी एक सड़क दुर्घटना मामले में पुलिस जाँच में दोषी पाई गई हैं।
8 सितंबर को बरसाना से नंदगांव आते समय उनकी तेज रफ्तार वेगनआर ने बाबूलाल पुत्र घनश्याम की गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी।
हादसे में बाबूलाल सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन बाबूलाल की दो दिन बाद मौत हो गई।
मृतक परिवार ने आक्रोश में थाने का घेराव किया और इंचार्ज पर मुकदमा दर्ज कराया।
जाँच में पुलिस ने कुंजल चौधरी को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
इसके बावजूद विभागीय कार्रवाई न होने पर लोग नाराज़ हैं।
इंचार्ज अभी भी अपनी कुर्सी पर बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
पीड़ित परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है।
मामला उच्चाधिकारियों तक पहुँच चुका है।
लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
घटना ने पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब नज़रें प्रशासनिक फैसले पर टिकी हैं।
REPORTER:
अजय सोलंकी