रामगढ़ विधानसभा का कस्बे में गोविंदगढ़ किले की जो कि गोविंदगढ़ कस्बे की नींव है कस्बे वासियों का कहना है कि जिस किले की खाई का पानी पी कर हम सब बड़े हुए जो कि कभी अलवर महाराज की चौकी हुआ करती थी जिसके चारों ओर लंबी गहरी खाई है जहां हजारों पक्षी सैकड़ों मोर विचरण करते हैं समय के साथ देखभाल के अभाव में उसकी हालत बद से बदतर होती गई लेकिन
नियति को ये कहां मंजूर था फिर समय आया lockdown का और उठ खड़े हुए गोविंदगढ़ के कुछ युवा जिनके जी तोड़ मेहनत के कारण ये आज वही किला अपने रूप में वापस आ सका लेकिन सब कुछ होने के बाद किले की हालत कूड़े में समा गई है सबसे पहले सीताराम जी के दर्शन लक्ष्मण मंदिर के दर्शन फिर अधिपति श्री गोविंददेव जी के दर्शन सुंदर भव्य गौशाला परन्तु ये मंदिर देवस्थान विभाग के अंतर्गत आते हुए भी आज जर्जर हालत में आ चुके हैं लेकिन गोविंदगढ़ नगरपालिका की सारी गंदगी सारा कचरा शासन प्रशासन की घर लापरवाही के कारण यही डलता है कोई सुनने वाला नहीं कोई देखने वाला नहीं कूड़े का पहाड़ बनता जा रहा है क्या ये सही है ग्रामीणों को कहना सबसे ज्यादा दिक्कत पशु पक्षी को आ रही है प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा जबकि यह किला गोविंदगढ़ की नाक है!
रिपोर्ट अजय भारद्वाज अलवर राजस्थान