टीकमगढ़ न्यू बस स्टैंड की है डंडो के कहर के बीच जाकर बचाई युवक की जान
जिला ब्यूरो महेंद्र कुमार दुबे बॉबी
नए बस स्टैंड पर एक युवक को बस से उतरने ही कुछ लोगों ने घेर कर डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जब युवक मदद की गुहार लगाता हुआ । कान्हा भोजनालय नामक रेस्टोरेंट में घुसा लेकिन वहां मौजूद लोगों ने पीड़ित युवक को बचाने की जगह रेस्टोरेंट से बाहर धकेल दिया। चारों खड़े लोग तमाशा देखते रहे। तभी सामने सड़क की उस पार स्थित “राजदरबार होटल संचालक अब्दुल शहीद खान भागकर सड़क पार कर मौके पर पहुंचे और हमला बरो से अकेले ही भिड़कर युवक की जान बचाई। जहां भीड़ तमाशाबीन बनी रही, वहां दिलेर अब्दुल शहीद खान ने साबित कर दिया कि
जहां सब खामोश हो, वहां साहस की अलग पहचान बताते हुए। जो डर से लड़ जाए, वही असली हीरो कहलाते हैं डंडों के कहर मे जब इंसानियत चीख रही थी। तमाशा बीन बनी भीड़ हर नजर झुकी हुई थी वह अकेला ही काफी था बचाने को एक अंदाज पीड़ित की जान बचाई।
नए बस स्टैंड पर एक युवक को बस से उतरने ही कुछ लोगों ने घेर कर डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जब युवक मदद की गुहार लगाता हुआ । कान्हा भोजनालय नामक रेस्टोरेंट में घुसा लेकिन वहां मौजूद लोगों ने पीड़ित युवक को बचाने की जगह रेस्टोरेंट से बाहर धकेल दिया। चारों खड़े लोग तमाशा देखते रहे। तभी सामने सड़क की उस पार स्थित “राजदरबार होटल संचालक अब्दुल शहीद खान भागकर सड़क पार कर मौके पर पहुंचे और हमला बरो से अकेले ही भिड़कर युवक की जान बचाई। जहां भीड़ तमाशाबीन बनी रही, वहां दिलेर अब्दुल शहीद खान ने साबित कर दिया कि
जहां सब खामोश हो, वहां साहस की अलग पहचान बताते हुए। जो डर से लड़ जाए, वही असली हीरो कहलाते हैं डंडों के कहर मे जब इंसानियत चीख रही थी। तमाशा बीन बनी भीड़ हर नजर झुकी हुई थी वह अकेला ही काफी था बचाने को एक अंदाज पीड़ित की जान बचाई।
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