नरेश सोनी ब्यूरो हजारीबाग।
हजारीबाग
जिले के समग्र विकास और विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में हजारीबाग जिले में कार्यरत विभिन्न कंपनियों द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में किए गए कार्यों का लेखा-जोखा लिया गया.
विकास कार्यों में पारदर्शिता और व्यवहारिकता पर जोर
उपायुक्त हेमन्त सती ने कंपनियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सीएसआर निधि का उपयोग सुनियोजित और प्रभावी तरीके से होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजने से पहले उनका जमीनी स्तर पर परीक्षण किया जाए, ताकि वे केवल कागजों तक सीमित न रहकर वास्तव में जनहितकारी और व्यवहारिक साबित हों.
बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश:
खनन प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता: कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र के आसपास के खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता दें.
समय सीमा: पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की गई सभी योजनाओं को 30 जून 2026 तक हर हाल में पूर्ण करने का कड़ा निर्देश दिया गया है.
भविष्य की योजना: सभी संबंधित कंपनियों को अगले 10 दिनों के भीतर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कार्यों की सूची जिला प्रशासन को सौंपनी होगी.
प्रस्तुतीकरण (PPT): आगामी बैठक में सभी कंपनियों को अपने संभावित व्यय और योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा पीपीटी (PPT) के माध्यम से प्रस्तुत करने को कहा गया है.
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में विकास कार्यों की निगरानी के लिए उप विकास आयुक्त रिया सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय और जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी सहित कई अन्य अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे.