राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
नगर पालिक निगम कटनी द्वारा संचालित विद्यालयों में आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रतिभा शिविर-2026 विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और प्रतिभा संवर्धन का सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। शिविर के शुरुआती दिनों में ही छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने विद्यालय परिसरों को जीवंत और ऊर्जावान बना दिया है। खेल, कला, संस्कृति, संगीत और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विविध गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिल रहा है।
नगर निगम के साधुराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, के.सी.एस. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा ए. रवीन्द्रनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संचालित इस शिविर में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। खेल मैदानों में अभ्यास, कला कक्षाओं में रचनात्मकता और सांस्कृतिक गतिविधियों में मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया है।
खेल, कला और संस्कृति का अनूठा संगम
शिविर में खेल गतिविधियों के अंतर्गत स्केटिंग, वॉलीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, कबड्डी, टेबल टेनिस तथा आत्मरक्षा प्रशिक्षण के सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, कुकिंग और शतरंज जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सृजनात्मक सोच को विकसित किया जा रहा है।
सांस्कृतिक गतिविधियों में कत्थक, वेस्टर्न डांस और शास्त्रीय संगीत की कक्षाएं विद्यार्थियों को भारतीय एवं आधुनिक कला परंपराओं से जोड़ रही हैं, जिससे उनमें कला के प्रति नई रुचि विकसित हो रही है।
अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में निखर रही प्रतिभाएं
शिविर की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण है। खेल, कला और संस्कृति से जुड़े विशेषज्ञ बच्चों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभाओं को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थी न केवल नई विधाओं को सीख रहे हैं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास का महत्व भी समझ रहे हैं।
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का हो रहा विकास
शिविर के दौरान विद्यार्थियों में सीखने की ललक, आत्मविश्वास, सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और अनुशासन की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी के माध्यम से बच्चे टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और निर्णय लेने जैसी महत्वपूर्ण जीवनोपयोगी योग्यताओं का भी विकास कर रहे हैं।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनका शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और रचनात्मक विकास सुनिश्चित हो सके। प्रशासन का मानना है कि ऐसे शिविर बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।