किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक सराफा कारोबारी को निशाना बनाते हुए करीब ₹2 लाख की ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले ऑनलाइन भुगतान कर भरोसा जीता और बाद में बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग कर ट्रांजेक्शन होल्ड करा दिया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
दो किश्तों में खरीदा सोना
जानकारी के अनुसार, संजय नगर निवासी अजय सोनी, जो टिकरापारा मेन रोड स्थित अजय ज्वेलर्स का संचालन करते हैं, के पास 17 जुलाई को एक युवक सोना खरीदने पहुंचा। उसने पहले करीब 5 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा, जिसकी कीमत ₹76,220 थी। भुगतान JAGDAMBA TC नाम से ऑनलाइन किया गया। इसके बाद उसने करीब 1.600 ग्राम अतिरिक्त सोना खरीदा और ₹23,500 का ऑनलाइन भुगतान भी किया।
रकम वापस लेकर रचा खेल
कुछ देर बाद युवक ने कहा कि वह बाद में सोना लेने आएगा। लगभग एक घंटे बाद लौटकर उसने अतिरिक्त खरीदा गया सोना लेने से इनकार कर दिया और ₹23,500 वापस करने का अनुरोध किया। ऑनलाइन भुगतान खाते में दिखाई देने के कारण कारोबारी ने उसके बताए खाते में रकम लौटा दी।
बैंक पहुंचने पर हुआ खुलासा
20 जुलाई को कारोबारी के पास खुद को JAGDAMBA TC का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। बैंक खाता देखने पर शुरुआत में बैलेंस सामान्य दिखा, लेकिन कुछ घंटों बाद खाता माइनस में चला गया। अगले दिन बैंक में जांच कराने पर पता चला कि चार ट्रांजेक्शन पर होल्ड लगा दिया गया है।
पहले दो ट्रांजेक्शन में ₹99,720 और अगले दो ट्रांजेक्शन में भी ₹99,720 रोक दिए गए। इस तरह कुल ₹1,99,440 की राशि फंस गई।
दूसरी ज्वेलरी दुकान में भी इसी तरह की वारदात
जांच के दौरान कारोबारी को पता चला कि संतोषी नगर स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स में भी इसी तरह की घटना हुई थी। वहां के सीसीटीवी फुटेज में वही युवक दिखाई दिया, जिसने अजय ज्वेलर्स से सोना खरीदा था।
शिकायत में साहिल और आयुष साहू के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
व्यापारियों के लिए सावधानी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले ऑनलाइन भुगतान कर दुकानदार का विश्वास जीतते हैं और बाद में बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर ट्रांजेक्शन को होल्ड या रिवर्स कराने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि सिर्फ खाते में राशि दिखाई देने के आधार पर लेन-देन को अंतिम न मानें। बैंक से भुगतान की पूर्ण पुष्टि होने के बाद ही सामान सौंपें या किसी भी प्रकार की रकम वापस करें।