किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
अंबिकापुर। केंद्रीय जेल अंबिकापुर से सात साल बाद रिहा हुए एक पूर्व कैदी की रिहाई की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। जेल से रिहा होने के करीब दो घंटे बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घर लौटने से पहले ही परिजनों को उसका पार्थिव शरीर लेकर जाना पड़ा।
मृतक की पहचान गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खलिबा निवासी श्याम जतन साय (65) के रूप में हुई है। वह अपनी दूसरी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। वर्ष 2022 में अदालत ने उसे कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वह केंद्रीय जेल अंबिकापुर में बंद था।
जेल प्रशासन के अनुसार, श्याम जतन का आचरण जेल में अच्छा रहा, जिसके चलते शासन ने उसकी सजा में दो वर्ष की छूट दी थी। इसी आधार पर 24 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे उसकी रिहाई तय की गई थी।
रिहाई से एक दिन पहले, 23 जुलाई की शाम उसकी तबीयत बिगड़ गई। दस्त की शिकायत के बाद उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। निर्धारित समय पर जेल प्रशासन ने अस्पताल से ही उसे रिहा कर परिजनों को सौंप दिया। उस समय उसकी बेटी सानिया भी मौजूद थी।
हालांकि, रिहाई के करीब दो घंटे बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस तरह वर्षों बाद मिली आजादी का सफर घर पहुंचने से पहले ही समाप्त हो गया।
केंद्रीय जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत ने बताया कि श्याम जतन का जेल में व्यवहार संतोषजनक था, इसलिए उसे सजा में छूट मिली थी। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार यदि कोई बंदी रिहाई के समय अस्पताल में भर्ती होता है, तो उसे वहीं से परिजनों को सुपुर्द कर रिहा किया जाता है। दुर्भाग्यवश, बेटी अपने पिता को जीवित घर नहीं ले जा सकी और उसे पिता का शव लेकर लौटना पड़ा।