खुर्जा। बुलंदशहर जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धरपा क्षेत्र की आशा और आशा संगिनियों ने बुधवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़ ली है। ‘आशा एवं आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ, उत्तर प्रदेश’ के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्साधिकारी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धरपा, जनपद बुलंदशहर) को ज्ञापन सौंपकर लखनऊ के इको गार्डन में अनिश्चितकालीन हड़ताल व धरना प्रदर्शन पर जाने की घोषणा की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी को सौंपे गए पत्र में आशा व संगिनियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन प्रशासन व शासन द्वारा उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि आंगनवाड़ी, पंचायत सहायक और शिक्षामित्रों के मानदेय में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की जा चुकी है, जबकि दिन-रात स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली आशाओं एवं संगिनियों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। इस उपेक्षा से क्षुब्ध होकर कार्यकर्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जाने का विवशकारी निर्णय लिया है। मानदेय में वृद्धि: वर्तमान मानदेय को बढ़ाकर 20,000 रुपये निश्चित मानदेय किया जाए। राज्य कर्मचारी का दर्जा: आशा व संगिनियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। अस्पतालों में सुविधाएं: ड्यूटी के दौरान अस्पतालों में रुकने की उचित व्यवस्था और मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाए। बीमा सुरक्षा व बकाया: आकस्मिक दुर्घटना पर बीमा कवर दिया जाए तथा रुका हुआ बकाया मानदेय शीघ्र भुगतान हो। वार्षिक वृद्धि: मानदेय में प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान किया जाए। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे किसी भी कार्य का संपादन नहीं करेंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में सुमित्रा रानी, रीता चौधरी, हेमलता, सीमा, सोनवती, नीतू, कुसम, सुशीला, हरजीत कौर, प्रवेश शर्मा सहित भारी संख्या में आशा व संगिनियां उपस्थित रहीं।