गोलाबाजार गोरखपुर 15 दिसम्बर। व्यक्ति के जीवन में काम क्रोध मद लोभ मोह यह पांच शत्रु है। इनके प्रभाव से सज्जन भी अपना विवेक खो देता है और गलत व्यवहार करने लगता है।
उक्त बातें नगर पंचायत गोला के रामलीला मैदान में चल रही श्रीरामकथा के तीसरे दिन श्री अयोध्या धाम से पधारे श्रद्धेय आचार्य धीरज कृष्ण जी ने व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए कही।आगे उन्होंने कहा कि भगवान राम व उनके भाइयों भरत लक्ष्मण शत्रुघ्न के जन्मोत्सव प्रसंग सुनाते हुए कहा कि काफी हताशा के बाद और साधु संतो के परामर्श पर अयोध्या के राजा दशरथ ने पुत्रेष्ठी यज्ञ किया। फलस्वरूप तीनों रानियों कौशल्या सुमित्रा एवं कैकेयी से चार पुत्र पैदा हुए। राम जन्म के बाद पूरी अयोध्या हर्षोल्लास में डूब गई। बधाइयों का तांता लग गया। महिलाएं सुमुधुर कंठ से सोहर गीत गाने लगी। जब आचार्य जी ने संगीतमय भए प्रगट कृपाला दिन दायाला कौशल्या हितकारी। हर्षित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप विचारी की चौपाई गाने लगे तो श्रद्धालु झूमने लगे।इसके पूर्व कथा का शुभारंभ यजमान गणों में भाजपा नेता देवेंद्र प्रताप चंद व इनकी धर्मपत्नी भाजपा नेत्री अस्मिता चंद शत्रुघ्न कसौधन इन्द्रबहादुर वर्मा अशोक कुमार वर्मा सोमनाथ गुप्ता राकेश जायसवाल तथा अमित कुमार दुबे ने सपरिवार सहित व्यास पीठ की आरती उतारी और कथा वाचक श्रद्धेय आचार्य जी को माल्यार्पण किया।इस अवसर पर हरे राम तिवारी डॉ सीके निगम कृष्ण मुरारी ठाकुर मुनील सिंह प्रणव शाही सुरेंद्र दुबे विजय कुमार सहित क्षेत्र के श्रोतागण उपस्थित होकर कथा का रसपान किया।
इंडियन टीवी न्यूज़ सूरजदीप मंडल ब्यूरो गोरखपुर।