दिनेश पाण्डे, जिला ब्यूरो चीफ, नैनीताल।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल परिसर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा 7 से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित सात दिवसीय एवं रात्रि विशेष शिविर का सफल समापन मॉडल राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मेहरा गांव–1, डोब ल्वेशाल में उत्साह एवं गर्व के साथ हुआ।
समापन समारोह में पूर्व कुमाऊं मंडल समन्वयक श्री एल. एम. पांडे, जिला समन्वयक प्रो. (डॉ.) जगमोहन नेगी, कुमाऊं विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. शिवांगी चन्याल एवं दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार श्री गीतांश त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संडे पावर एग्रीटेक प्रा. लि. के निदेशक श्री ललित मोहन शर्मा एवं सुश्री कृति शर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर मॉडल राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विजेंद्र सिंह, भीमताल परिसर के निदेशक, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित मित्तल एवं प्रो. (डॉ.) संतोषी सेनगुप्ता, विद्यालय के शिक्षकगण, 100 एनएसएस स्वयंसेवक एवं विद्यालय के 50 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात सात दिवसीय शिविर की गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें स्वच्छता अभियान, ग्राम सर्वेक्षण, जागरूकता रैली, ट्रैकिंग, नुक्कड़ नाटक, ग्रामीण खेलकूद तथा सामुदायिक सहभागिता जैसी विभिन्न गतिविधियां शामिल रहीं।
विशेष सत्र में विद्यालय के विद्यार्थियों ने ग्राफिक एरा स्वयंसेवकों द्वारा संचालित कंप्यूटर साक्षरता कार्यक्रम एवं दिशा कार्यक्रम से प्राप्त अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि शिविर के पश्चात भी निरंतर संपर्क और सहयोग से उन्हें नई दिशा और आत्मविश्वास मिला है।
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक संदेश दिए गए। साथ ही संडे सोलर प्रा. लि. द्वारा तकनीकी जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने, स्थापना प्रक्रिया एवं सहयोग सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
सामुदायिक विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए श्री रोहित कोली एवं श्रीमती सुनीता देवी को कचरा प्रबंधन एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हेतु सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने एनएसएस स्वयंसेवकों के समर्पण, अनुशासन एवं सेवा भावना की प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए। भीमताल परिसर के निदेशक ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए स्वयंसेवकों को समाज सेवा की इस यात्रा को निरंतर जारी रखने और समाज व राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।