भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा गरीब साहनी परिवार
न्यायालय श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना कर रहा सोनभद्र पुलिस उप अधीक्षक नगर कार्यालय
उत्तर प्रदेश सोनभद्र ब्यूरो चीफ चंद्रजीत सिंह की रिपोर्ट
चोपन/ सोनभद्र। चोपन मल्लाही टोला का बहुचर्चित मामला दिनांक 2 फरवरी 2019 की घटना जिसमें शांति व्यवस्था बनाए रखने व मामले की जांच कर आख्या देने का आदेश दिया गया था । और इसी आदेश को लेकर कमलेश साहनी थाना अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के पास अपने मकान व दुकान को बचाने के लिए सहायता प्राप्त करने गया था जिसके एवज में थाना अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह द्वारा कमलेश साहनी को थाने में निरुद्ध कर मौके पर सुशील मिश्रा लेखपाल व थाना अध्यक्ष चोपन स्वयं कुछ सिपाहियों के साथ पहुंचकर शांति व्यवस्था के नाम पर खड़े रहे और भू माफिया विद्या शंकर पांडे प्रेमनाथ पांडे विशाल पांडे वगै० लगभग 100 से भी अधिक किराए के गुर्गों के साथ दो जेसीबी व टीपर की मदद से मकान को गिराकर तथा उसका सारा सामान टीपर पर लोड कर उठा ले गए उसमें सौ से अधिक गुर्गों द्वारा लाठी डंडों के जोर पर दिन के उजाले में यह घटना होती रही और पुलिस प्रशासन शांति व्यवस्था के नाम पर वहां मौजूद रहा उस समय पैसे पावर एवं रासूख के दम पर इस तरह के कार्य को अंजाम दिया गया और इसके बाद लगातार शांति भंग का मुकदमा करा कर साहनी परिवार को दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर कर जिला बदर कराने का प्रयास किया गया जिसके लिए वाद संख्या 196 / 2019 विजय साहनी द्वारा न्यायालय में दर्ज कराया गया जबकि इसके पूर्व जमीनी विवाद को लेकर न्यायालय में मामला चल रहा था। आनन फानन में भ्रष्ट अधिकारियों के सहयोग के बाप- दादा के जमाने से काबिज जमीन 729 से पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में बेदखल करके दिन के उजाले में उसका सारा सामान लूट लिया गया जिसके जांच के क्रम में कई बार पुलिस उप अधीक्षक नगर द्वारा जांच के नाम पर गवाहों को परिवर्तित कराने का प्रयास अथवा मामले को जमीनी विवाद बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया गया इसी क्रम में अब न्यायालय श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच के आदेश में भी हीला हवाली करने का प्रयास किया जा रहा है जिसके लिए विजय साहनी व उसके परिवार व गवाहों को बार-बार पुलिस उपाधीक्षक नगर कार्यालय में बुलाकर व्यस्तता दिखाकर ना मिलना और मिलकर गवाहों और साक्ष्य को झूठा बताकर जमीनी दस्तावेज मांग कर हैरान परेशान किया जा रहा है। क्योंकि पुलिस की जांच स्वयं पुलिस कर रही है और स्वयं पुलिस उप अधीक्षक नगर भी भू माफिया के ही जाति का होना जांच को प्रभावित करे या ना करें किंतु साहनी परिवार को मानसिक शारीरिक एवं आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। साहनी परिवार को न्यायालय से बहुत सी उम्मीदें हैं क्योंकि न्याय का अंतिम आसरा न्यायालय ही है।