डोभा में डूबकर 7 साल की बच्ची की मौत
सीएचसी में डॉक्टर नही रहने पर हुई बच्ची की मौत – गौतम
Indian TV News हजारीबाग संवाददाता
हजारीबाग इचाक थाना के बड़की जलौंध निवासी जितेन्द्र भुईया के बेटी सीतल कुमारी उम्र 6 ,एक डोभा में डूबने से बच्ची मौत हो गईं। ग्रामीणों ने बताया की सुबह 7 बजे के करीब सीतल कुमारी शौचालय के लिए दोस्तो साथ खेत गई थी। पानी के लिए डोभा की ओर गई। डोभा भी गहरा था। बच्ची पानी के नजदीक जा पाती लेकिन फिसलकर उसी गहराई वाली डोभा में जा गिरी। इस घटना को देख उस बच्ची की दोस्त घर में बताया और घरवाले जाकर बच्ची को निकालते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इचाक ले गया लेकिन हॉस्पिटल में डॉक्टर की अनुपस्थिति में कंपाउंडर स्थिति देखते हुऐ सदर अस्पताल हजारीबाग जाने को कहा। सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में बच्ची रास्ते में ही दम तोड दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हमेशा के लिए बंद करने की मांग किया क्यूंकि इस अस्पताल में समय पर कोइ भी डॉक्टर उपलब्ध नही रहते और कई लोगो की जान गंवानी पड़ती है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इचाक जाकर दर्जनों महिला ने रोष भी जताया।
क्या कहते हैं सीएचसी प्रभारी डॉक्टर ओमप्रकाश
डॉक्टर ओमप्रकाश से इस मामले में पूछे जाने पर बताया की बच्ची को डोभा में डूबने की वजह से गांव में ही मौत हो गईं थीं। और जब सीएचसी इचाक ले आया गया तब हमारे अस्पताल के कंपाउडर ने देखा भी और स्थिति को देखते सदर भेज दिया।
सीएचसी में डॉक्टर नही रहने की वजह पूछी गईं तो , डॉक्टर ओमप्रकाश ने कहा की इस अस्पताल में डॉक्टर की कमी है और कोई भी डॉक्टर इचाक आना नही चाहता है। इसलिए हमेशा डॉक्टर नही रहता।
बच्ची की मौत मुवाबजे को लेकर क्या कहते हैं अंचल अधिकारी?
इचाक अंचल अधिकारी रामजी प्रसाद गुप्ता से पूछे जाने पर बताया की आपदा के अंतर्गत सरकार द्वारा 4 लाख रुपए देने की प्रावधान है लेकिन इसके लिए बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र , आधार और बैंक पासबुक आदी डॉकोमेंट की जरुरत होती है।उपरोक्त डॉकोमेंट्स रहने पर अंचल द्वारा सत्यापित करते हुऐ जिला भेजने पर सेंशन कर मुवाबजे दिलाए जाते हैं।
क्या कहते हैं पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि?
पंसस प्रतिनिधि रंजीत कुमार ने बताया की यह बहुत गम्भीर मामला है की अस्पताल में डॉक्टर नही रहते और कई लोगो को जान गंवानी पड़ती है। साथ ही साथ मुवाबजे को लेकर बताया की बच्ची के परिजन द्वारा पोस्टमार्टम करवाने की आदेश दे दिया जाता तो आपदा के मुताबिक 4 लाख रुपए गरीब परिवार को सहायता के रूप में मिल जाता।