नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग
झारखंड आंदोलनकारीयों को सम्मान दी जाए को लेकर साप्ताहिक बैठक हुई संपन्न।
हजारीबाग :खतियानी परिवार की साप्ताहिक बैठक पुराना धरना स्थल के नजदीक अशोक राम की अध्यक्षता में हुई, बैठक में वक्ताओं ने कहा कि खतियानी परिवार संघर्ष करते हुए झारखंड सरकार से झारखंड के विभिन्न समस्याओं पर मांग करती रही है, लेकिन झारखंड सरकार नींद में सोई प्रतीत होती है, विनोद बिहारी महतो और माननीय शिबू सोरेन जी के लंबे आंदोलन से झारखंड प्रदेश अस्तित्व में आया नाम हमेशा सेनापति की होती है और जान सिपाही गावांते हैं। वैसे ही झारखंड के निर्माण में शहीद होने वाले आंदोलनकारी के संबंध में झारखंड सरकार ध्यान नहीं दे रही है वह टाल मटोल करती रही है जिन आंदोलनकारीयों के कारण राज्य अस्तित्व में आया आज तक झारखंड को गुलाम बनाने वाली शक्तियां बड़े बडे पदों पर बैठकर आंदोलनकारीयों की उपेक्षा कर रहे हैं, सरकार के मुखिया झामुमो के सुप्रीमो शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन इस सरकार के नेतृत्व कर रहे हैं और कार्यालयों में बरगलाने वाली शक्तियां काम कर रही है सरकार उलुल जलुल कार्यों में ध्यान दे कर झारखंड निर्माण के आंदोलनकारी की उपेक्षा कर रही है मैं मो. हकीम खतियानी परिवार के महासचिव जोरदार शब्दों में राज्य के मुखिया माननीय हेमंत सोरेन जी को आगाह करना चाहता हूं की झारखंड के आंदोलनकारी को समस्या का निदान त्वरित कार्रवाई से पूरा करें आंदोलनकारी झारखंड के निर्माण में राज्य के दुश्मनों से मार खाते रहे, जेल जाते और शोषण तत्व कल भी झारखंड का विरोध कर रहे थे आज भी वे आंदोलनकारी की समस्याओं से बेखबर है, आंदोलनकारी कितने तो मर गए अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी का भी निर्माण नहीं कर सके और आंदोलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहे, आंदोलनकारी की स्थिति बद से बदतर हो रही है दुश्मन के रूप झारखंड के शोषण करने वाली शक्तियां सजग थी लेकिन झारखंड निर्माण के नेतृत्व इतना विश्वसनीय था की आंदोलनकारियों ने अपनी पूरी शक्ति झोक कर उस नेतृत्व पर भरोसा किया आज जरूरत है आंदोलनकारियो की समस्या को सुनी जाए और सम्मानित कर आयोग द्वारा निर्धारित पेंशन भुगतान की जाए
बैठक में उपस्थित, केंद्रीय अध्यक्ष बाबू भाई विद्रोही, मोः हकीम, महेश विश्वकर्मा,विजय मिश्रा, संतोष कुमार, मोहम्मद फखरुद्दीन, प्रदीप कुमार मेहता, बोधी साँव, सुनीता कचछप, मुन्नी देवी वो अन्य उपस्थित थे ।