प्रीतम यादव ब्यूरो चीफ इंडियन टीवी न्यूज़ :—
मेरा संकल्प यही है छत्तीसगढ़ प्रदेश कबीरधाम जिला और पंडरिया विधानसभा की खुशहाली हमेशा बनी रहें. मैंने कांवड़ियों का आस्था श्रद्धा देखकर मेरे मन में आया कि मैं भी कांवड़ यात्रा परिवार में शामिल हो पाऊं बहुत सारी महिलाएं भी यात्रा में शामिल हुई है- भावना बोहरा, पंडरिया विधायक।
कवर्धा :— सावन का महीना चल रहा है. सावन के दूसरे सोमवार को अमरकंटक में शिवभक्ति का अनोखा नजारा देखा गया. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार महिला विधायक ने अमरकंटक से कांवड़ में जल उठाकर नंगे पैर कवर्धा के भोरमदेव के लिए रवाना हुई.ये दूरी 151 किलोमीटर की है. रास्ते में घनघोर जंगल और पहाड़ी रास्ते हैं. आपको बता दें कि महिला विधायक भावना बोहरा की कांवड़ यात्रा कवर्धा के डोंगरिया महादेव घाट और फिर भोरमदेव मंदिर में आकर समाप्त होगी.
हजारों की संख्या में कवर्धा से पहुंचे श्रद्धालु :– यात्रा की शुरुआत सावन के दूसरे सोमवार को मध्य भारत के सबसे पवित्र नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक से शुरु की गई. विधायक भावना वोहरा की इस यात्रा से प्रेरित होकर कवर्धा से कई शिवभक्त यात्रा में शामिल होने के लिए अमरकंटक पहुंचे थे. इस दौरान भक्तों का जत्था हर हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाते हुए विधायक के साथ कवर्धा के लिए रवाना हुए.
4 सालों से निस्वार्थ सेवा जारी : आपको बता दें विधायक भावना बोहरा पिछले चार वर्षों से छत्तीसगढ़ से अमरकंटक बोल बम में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था करा रही है. विधायक भावना बोहरा ने बताया कि अमरकंटक के मां नर्मदा से जल लेकर डोंगरिया महादेव घाट फिर भोरमदेव बाबा को जल अर्पित करेंगे।
विधायक भावना बोहरा के मुताबिक ये यात्रा किसी मनुष्य का काम नहीं जब तक भगवान ना चाहें ना चुनें, जिसे भगवान चुनता है. वहीं लोग कांवड़ यात्रा कर पाते हैं. भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद है हम सात दिन की यात्रा पूरा कर जल अभिषेक करेंगे.
सावन सोमवार और उसका महत्व : धार्मिक ग्रंथों की मानें तो सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा से भक्तों को उनके पाप खत्म हो जाते हैं. साथ ही वे मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं. यह माह भगवान शिव के प्रिय मौसम के रूप में भी माना जाता है. कहा जाता है कि इस दौरान शिव भक्तों की पूजा और तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं.
हालांकि प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से की जाती है. लेकिन यह दिन शिव भक्तों के लिए सबसे अहम होता है, क्योंकि कहा जाता है कि सावन सोमवार को भगवान शिव विशेष रूप से भक्तों की इच्छा को पूर्ण करते हैं. हर साल सावन के महीने में चार सोमवार होते हैं, जिनमें विशेष पूजा, व्रत और शिव जी के मंत्रों का जाप किया जाता है.