नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं के संरक्षण हेतु हज़ारीबाग में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
हज़ारीबाग: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सभागार में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (POSH Act), 2013 पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला जज रंजीत कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रधान जिला जज रंजीत कुमार ने अपने संबोधन में इस कानून के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है, जिसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि यह कानून कार्यस्थल पर लैंगिक असमानता को दूर करता है। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान, जहाँ महिलाएं कार्यरत हैं, वहाँ वे सुरक्षित माहौल में अपना काम कर सकें।
कार्यक्रम में, रांची से आए झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आदित्य दुबे और प्रीति ने रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2013 के प्रावधानों को स्लाइड शो के माध्यम से विस्तार से समझाया। मंच का संचालन सिविल कोर्ट निबंधक दिव्यम चौधरी ने किया।
इस प्रशिक्षण शिविर में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें न्यायिक पदाधिकारी आशा देवी भट्ट, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना, सिविल कोर्ट निबंधक दिव्यम चौधरी, विभावि की असिस्टेंट प्रोफेसर मृदुल भट्ट, सृजन फाउंडेशन से चुन्नू कुमारी, खान निरीक्षक सत्येंद्र सारा, सुबोध कुमार, लीगल सेक्शन के इंचार्ज सना उस्मानी, अनूप कुमार, डीएसडब्ल्यू शिप्रा सिन्हा, डीटीओ बैद्यनाथ कांति, योगेंद्र प्रसाद, न्यायिक पदाधिकारी अनुष्का जैन और तन्वी, डीईओ प्रवीन रंजन, सिविल कोर्ट कर्मी श्वेता सिन्हा, जोसेफ कुजूर और अविनाश कुमार आनंद, पारिजात पुष्पम, अधिवक्ता एवं मध्यस्थ गौरव सहाय, तथा रिसोर्स पर्सन प्रीति और आदित्य दुबे शामिल थे।