बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से शुक्रवार को कुपोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सम्भव अभियान 2025 के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर से विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेन्द्र कलाकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की यह रैली नारे लगाते हुए अम्बेडकर चौराहा तक निकाली गई। रैली के माध्यम से कुपोषण मुक्त जनपद जालौन और पोषण जागरूकता का संदेश आमजन तक पहुँचाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित कार्यकत्रियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सम्भव अभियान के दौरान सभी गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाए। गर्भवती महिलाओं और बच्चों की माप-तौल कर वीएचएसएनडी सत्रों पर स्वास्थ्य जांच कराई जाए और प्राप्त डेटा को पोषण ट्रैकर व ई-कवच पोर्टल पर अनिवार्य रूप से फीड किया जाए। मुख्य विकास अधिकारी कुमुदेन्द्र कलाकर ने कहा कि बच्चों व गर्भवती महिलाओं का वजन, लंबाई और ऊंचाई मापना अनिवार्य है। यदि कोई भी कुपोषण की श्रेणी में आता है तो उसे संबंधित स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी,सीएचसी, एनआरसी ) पर डॉक्टर की देखरेख में भेजा जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद कुमार अवस्थी ने जानकारी दी कि “छह माह, सात बार” रणनीति के तहत 6 माह से कम आयु के शिशुओं का पोषण प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री गृह भ्रमण के दौरान शिशुओं का वजन लेकर एमसीपी कार्ड में दर्ज करेंगी और उसकी पोषण स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। रैली में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र देव शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद्र मौर्य, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, उपनिदेशक कृषि सुशील कुमार उत्तम, ई-डीएम पुष्पेंद्र कुमार, सीडीपीओ विमलेश आर्या, कन्हैयालाल विपिन चंद्र शुक्ला, डीसी ऋषभ पांडेय, बीसी आदर्श तिवारी, रोहित कुशवाहा, प्रदीप कुमार, गौरव पटेल, पूजा राठौर, सुनीता वर्मा समेत अनेक अधिकारी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश