✍राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी में आवारा पशुओं का आतंक: सड़कों पर जाम, मोहल्लों में दहशत, नगर निगम की लापरवाही से बढ़ी परेशानी
कटनी, 31 जुलाई 2025: मध्य प्रदेश के कटनी शहर में आवारा पशुओं की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। शहर के विभिन्न वार्डों, विशेष रूप से मदन मोहन क्षेत्र सहित अन्य मोहल्लों में गाय, बैल और अन्य आवारा जानवरों का जमावड़ा न केवल सड़कों पर जाम का कारण बन रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए दहशत का सबब भी बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के हांका गैंग द्वारा जानवरों को सड़कों से खदेड़कर मोहल्लों में भगाने की कार्यवाही से समस्या और बढ़ रही है।
सड़कों पर जाम, मोहल्लों में खतरा
कटनी के मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों जैसे मिशन चौक, गांधी चौक, और स्टेशन रोड पर आवारा गायों और बैलों का झुंड अक्सर सड़कों पर विचरण करता देखा जा सकता है। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय निवासी रमेश पटेल ने बताया, “बाजार क्षेत्र में गाय-बैल सड़कों पर खड़े रहते हैं, जिससे जाम लग जाता है। नगर निगम के कर्मचारी इन जानवरों को सड़क से हटाकर हमारे मोहल्लों में भगा देते हैं, जिससे हमारी गलियों में भी खतरा बढ़ गया है।”
मदन मोहन चौबे वार्ड की सुनीता विश्वकर्मा ने शिकायत की, “हमारे मोहल्ले में बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित नहीं हैं। आवारा बैल कई बार लोगों पर हमला कर चुके हैं। नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।” हाल ही में, रीठी वन परिक्षेत्र के लालपुरा गांव में सियारों द्वारा रात में सोते हुए लोगों पर हमला करने की घटना ने भी स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है।
नगर निगम की लापरवाही और हांका गैंग की कार्यशैली पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम का हांका गैंग आवारा पशुओं को पकड़ने के बजाय उन्हें केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर खदेड़ता है, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो रहा। एक व्यापारी, अजय गुप्ता ने कहा, “हांका गैंग केवल खानापूर्ति करता है। वे जानवरों को सड़कों से भगाकर मोहल्लों में छोड़ देते हैं, जिससे हमारी परेशानी दोगुनी हो जाती है।”
कटनी नगर निगम के कार्यालय (महिला महाविद्यालय के पास, कटनी) से संपर्क करने पर अधिकारियों ने बताया कि वे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नियमित अभियान चला रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ये अभियान अपर्याप्त हैं। नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर (07622-230120) पर शिकायत दर्ज करने के बावजूद त्वरित कार्रवाई नहीं होती।
शहर की अन्य समस्याओं का भी असर
आवारा पशुओं की समस्या के साथ-साथ कटनी में जर्जर भवनों का मुद्दा भी चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में एक जर्जर बारजे के गिरने की घटना ने नगर निगम की लापरवाही को उजागर किया था। नगर निगम आयुक्त नीलेश दुबे ने दावा किया कि 64 जर्जर भवनों को चिह्नित कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन कार्यवाही में देरी के कारण खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों की मांग
शहरवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि आवारा पशुओं के लिए स्थायी समाधान के रूप में गौशालाओं का निर्माण किया जाए और हांका गैंग की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाए। एक सामाजिक कार्यकर्ता, प्रीति शर्मा ने कहा, “नगर निगम को चाहिए कि वह आवारा पशुओं को पकड़कर उन्हें उचित स्थान पर रखे, न कि मोहल्लों में भगाए। इसके साथ ही, सड़कों पर जाम की समस्या को कम करने के लिए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था भी जरूरी है।”
निष्कर्ष
कटनी में आवारा पशुओं की समस्या ने शहरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। सड़कों पर जाम और मोहल्लों में खतरे की स्थिति को देखते हुए नगर निगम को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की जवाबदेही तय किए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा। शहरवासियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ठोस नीति और त्वरित कार्यवाही की आवश्यकता है।।