नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में कुव्यवस्था चरम सीमा पर है
हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज (सदर अस्पताल ) जो विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आता है। इसकी उद्घाटन करीब आज से लगभग 7- 8 वर्ष पहले हुई है । उद्घाटन में बहुत ही तेजी दिखाई गई थी की व्यवस्था पूरी न रहने के बाद भी मेडिकल छात्रों की पढ़ाई शुरू की गई । तत्कालिन व्यवस्था के रूप में हजारीबाग सदर अस्पताल के बाड़ को मेडिकल कॉलेज की बाड़ बनाया गया था । लेकिन व्यवस्था नहीं सुधरी आज भी यहां मेडिकल कॉलेज के वार्ड में सुविधाओं की अपार कमी है यहां सीरियस और इमरजेंसी पेशेंट को पहले के जैसे ही रिम्स (राजेंद्र मेडिकल कॉलेज) जो रांची में है वहां भेजा जा रहा है। कॉलेज में डॉक्टर एवं स्टॉप की संख्या तो बहुत है परंतु व्यवस्था न के बराबर। आम व्यक्ति आम जनता शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भटकता रहता है परंतु उचित इलाज नहीं हो पा रही है।
बड़े-बड़े प्लांट एवं मशीन लगाए गए हैं परंतु सिर्फ नाम का अधिकांश मशीन खराब पड़ा है कोई देखने वाला नहीं है।
सबसे बड़ा दुर्भाग्य का कारण मेडिकल कॉलेज एवं संयुक्त सदर हॉस्पिटल में परमानेंट एवं अनुभवी स्टाफ की कमी है आउटसोर्सिंग के नाम पर बहाली किए गए स्टाफ जिसकी तनख्वाह मात्र 10000 से ₹15000 होती है वही लोग हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज एवं सदर हॉस्पिटल चला रहे हैं। आम जनता हासीए पर है । मेडिकल कॉलेज में बिल्डिंग सामने से तो बहुत सुंदर दिखती है परंतु यहां की इमरजेंसी वार्ड में भी बेड तो है परंतु गंदगी है एवं बेड के ऊपर चादर भी नहीं है ।
सिर्फ नाम का मेडिकल कॉलेज अव्यवस्था एवं कुव्यवस्था से भरा पड़ा है।
विभूति शर्मा की कलम से।