✍राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा पर शासकीय महाविद्यालय बरही में संगोष्ठी आयोजित
कटनी – शासकीय महाविद्यालय बरही में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शासकीय महाविद्यालय अमरपाटन से प्रो. के. एन. मिश्रा मुख्य अतिथि एवं वक्ता तथा डॉ रूक्मणी प्रताप सिंह शासकीय तिलक महाविद्यालय कटनी, वक्ता के रूप में उपस्थित रहें।
कार्यक्रम में डॉ रूक्मणी प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहां कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है सभी को मिलकर जन सेवा और समाज सेवा पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पाठयक्रम को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, भाषा, संस्कृति, धर्म और सामाजिक स्थिति, जलवायु आदि को ध्यान में रख कर बनाया गया हैं।वहीं मुख्य अतिथि प्रो. के. एन. मिश्रा ने बताया कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ विषय भारतीय संस्कृति और विचारधारा को दर्शाता है। “वसुधैव कुटुम्बकम” की अवधारणा प्राचीन भारतीय दर्शन और ग्रंथों, विशेष रूप से महाउपनिषद और हितोपदेश में निहित है। ये ग्रंथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक विरासत का हिस्सा हैं जो हज़ारों साल पुराने हैं। प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा सभी जीवों के प्रति दया का भाव रखती है एवं दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले व्यक्ति को यह अपना परिवार मानती है साथ ही सद्भावना, प्रेम और करुणा का पाठ पढ़ाती है। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने विद्यार्थियों को प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन करने के लिये प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. आर. जी. सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. आर. के. त्रिपाठी, डॉ. एस. एस. धुर्वे, डॉ. आर. जी. सिंह, डॉ. अरविन्द सिंह, डॉ. के. के. निगम, डॉ. राकेश दुबे, डॉ. के. के. विश्वकर्मा, मनीष मिश्रा, प्रियंका तोमर, डॉ. रश्मि त्रिपाठी, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. मंजुलता साहू, डॉ. नीलम चतुर्वेदी, डॉ. शिवानी बर्मन, डॉ. रूपा शर्मा, डॉ अरविन्द शुक्ला, अनीता सिंह, पवन दुबे, कैश अंसारी, डॉ. कृष्णपाल सिंह, सौरभ सिंह, रावेंद्र साकेत, सोनम पाण्डे, संतोषी तिवारी, पुष्पलता विश्वकर्मा, दीपक मिश्रा, डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. चंद्रभान विश्वकर्मा, शंकर सिंह, महिमा तिवारी, आर. ए. चौधरी, आशीष तिवारी, अजय सेन, रवि साहू, गणेश प्रजापति, राजेश्वरी मिश्रा तथा स्टॉफ के अन्य सदस्य, रा. से. यो. के स्वयंसेवक व विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।