सोनभद्र ।जनपद में बीती दिनों हुई लगातार भारी वर्षा, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने किसानों की उपज को भारी क्षति पहुंचाई है। जिले के लगभग सभी विकासखंडों में लगाई गई धान, टमाटर, मिर्च, अरहर तथा अन्य दलहनी फसलें लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर समाज के शांतिप्रिय संगठन तेजस्वी संगठन न्यास के संस्थापक ई. प्रकाश पाण्डेय ने जिला अधिकारी सोनभद्र को एक आवश्यक पत्र लिखकर त्वरित फसल क्षति सर्वेक्षण और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रकाश ने बताया कि करमा, घोरावल, राबर्ट्सगंज, चतरा, रामगढ़, चोपन, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, नगवां तथा गढ़वा सहित जिले के सभी प्रमुख विकासखंडों में फसल 70 से 100 प्रतिशत तक खाक हो चुकी है। खासकर वेलाही, तिलौली कला, खरुआव, कमेटी, डोमखरी, बमौरी, बकौली, गुरेठ, खुटहनिया, चौरा, करकी, बरसोत, बेलथर, डाला, ओबरा और राबर्ट्सगंज ग्रामीण क्षेत्र बहुत अधिक प्रभावित हैं।
किसानों का कहना है कि फसल नष्ट होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है, कई किसानों के घरों में दरारें भी पड़ चुकी हैं। पशुओं के चारे में भारी कमी आ गई है, जिससे पशुपालन भी मुश्किल होता जा रहा है।
तेजस्वी संगठन न्यास के संस्थापक ने सरकार से चार प्रमुख मांगें रखीं हैं ,जिसमें राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर त्वरित फसल सर्वे किया जाए,प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत और मुआवजा राशि प्रदान की जाए,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा दावों का जल्द से जल्द निस्तारण हो और बीमा योजना का लाभ नहीं मिलने वाले किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज बनाया जाए।
ई. प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि उक्त पत्र जिला अधिकारी और जिला कृषि अधिकारी को ईमेल, व्हाट्सएप, टेलीफोन तथा IGRS पोर्टल के जरिए भी भेजा जा चुका है ताकि प्रशासन इस मामले को त्वरित संज्ञान में लेकर आवश्यक कदम उठाए।
उन्होंने किसान हितों की पैरवी करते हुए कहा कि किसानों की फसल ही उनकी जीवनरेखा है। इस प्राकृतिक आपदा ने उन्हें बुरी तरह टूटने पर मजबूर कर दिया है। सरकार से अपेक्षा है कि सभी प्रभावित किसानों को तत्काल राहत मिले।