दुद्धी सोनभद्र।स्थानीय टाऊन क्लब क्रिकेट खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय आदिवासी सम्मेलन का रविवार को भव्य समापन हुआ। दूसरे दिन प्रकृतिप्रधान बड़ादेव का सुमिरन और बावनगढ़-सतावन परगना के देवी-देवताओं का आह्वान किया गया।
धर्माचार्य सुखई सिंह, पोया रामनाथ श्याम, रामदेव टेकाम व अनिल सिंह के द्वारा गोंड गाथा का प्रवचन दिया गया। इस बाद धर्माचार्यों का सम्मान किया गया । उसके बाद दो दिवसीय आदिवासी महासम्मेलन अध्यक्ष द्वारा समापन घोषित किया गया।
सम्मेलन में संयोजक फौजदार सिंह, अध्यक्ष विजय सिंह ऊर्रई, बुद्धि नारायण खरवार, रामफल, सावित्री देवी, प्रमिला कुमारी, प्रियंका, प्रदीप सिंह परस्ते, गुलाब, कुलदीप सिंह, रामनाथ श्याम सहित कई गणमान्य आदिवासी एवं क्षेत्रीय लोग उपस्थिति रहे।
सम्मेलन में नन्हकू मांझी की विरासत को संरक्षित करने का संकल्प लिया गया और दुद्धी को आदिवासी जिला बनाए जाने का प्रस्ताव पास किया गया। साथ ही मूल निवासी आदिवासियों को उनकी जल, जंतु, भूमि पर अपना पुश्तैनी कब्जा नहीं छोड़ने की प्रेरणा दी गई। आगामी पंचायत चुनावों में आदिवासियों को उनकी संख्याओं के अनुसार आरक्षण देने का भी प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर किया गया।
मुख्य अतिथि राज किशोर सिंह खरवार, अध्यक्ष आदिवासी महासभा झारखंड ने अपने संबोधन में समाज को एकजुट होकर शिक्षा पर जोर देने के साथ नशा मुक्ति का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि कमलेश गौड, राष्ट्रीय सचिव गोंडवाना गोड महासभा ने जल, जमीन और अधिकार गंवाने से बचने की सलाह दी।
डॉ. लवकुश प्रजापति ने आदिवासी विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए आदिवासियों पर लिखी अपनी पुस्तक का उल्लेख किया। अशर्फी सिंह परस्ते गोड धर्म परिषद के अध्यक्ष ने आदिवासी संस्कृतियों को बचाए रखने का आवाहन किया।
कार्यक्रम में धर्माचार्य रामनाथ श्याम, अनिल सिंह, सुखई सिंह के साथ-साथ आदिवासी नेत्री मीरा सिंह, गोंड प्रभावती देवी, मनबस देवी, बाबूराम खरवार सहित बड़ी संख्या में आदिवासी व क्षेत्रवासीय उपस्थित रहे। इसके पूर्व आदिवासी छात्र-छात्राओं में बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक आदिवासी नृत्य कर लोगों का दिल जीत लिया।
सोनभद्र, तहसील रिपोर्टर दुद्धी, विवेक सिंह