रिपोर्टर राजेंद्र धाकड़
नर्मदापुरम/ नर्मदापुरम में श्री राम कथा का भव्य आयोजन गुप्ता ग्राउंड में चल रहा है आज पांचवे दिन महाराज जी ने बताया कि जब जब असुर ऋषि मुनि को परेशान करते थे जब जब भगवान ने जन्म लिया है, कथा में अयोध्या नगरी से श्री राम को लेने विश्वामित्र जी पधारे, ओर कहा कि दानव दैत्य ऋषि मुनियों को यज्ञ पूर्ण नहीं करने दे रहे हैं बार-बार परेशान कर रहे हैं इसलिए है दशरथ राम हमें दे दीजिए जिससे वन दैत्य का हम संधार करवा सके,इसके पश्चात श्री राम ओर लखन ने तड़का वध सहित कई दैत्यों को मार भगाया और गुरु विश्वामित्र के साथ सीता जी का स्वयंबर देखने चले गए। वही जब कोई भी राजा भगवान शिव का धनुष नहीं तोड़ पाया तो विश्वामित्र जी की आज्ञा से शिव का धनुष तोड़ा और माता सीता के साथ श्री राम का विवाह हुआ, आज की कथा में महाराज जी ने बताया कि हमें
स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए चाहे दवा हो श्रृंगार हो बहुत सारी चीजें घरों में निर्मित हो सकती है, मै सैनिकों का किसानों का बहुत सम्मान करता हूं उनके जन्मदिन पर दिया लगता हु, महापुरुषों के देवताओं के, देश के लिए शहीद हुए महापुरुषों का एवं पड़ोसी के बच्चों का जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाना चाहिए, हमे अपने ललाट पर अपने इष्ट के अनुसार तिलक जरूर लगावे यही सनातनी होने की पहचान हे उसका मानव के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता हे, सेवक धर्म पर चलना बहुत कठिन है परेशानी आती हे लेकिन परिणाम सुखद होते हैं सभी लोग तिलक लगाए,, गाय की रोटी दे, धर्म से जुड़े, जिस गली में मंदिर हो वहां भोग लगाने से एवं गौ माता को भोग लगाने से सभी देवताओं को भोग लग जाता,।
कल गीता जयंती हे, उससे एक बात सीखना उसका अध्ययन जरूर करना, गीता महाविद्या हे, उसका अनुशरण करना उसका अध्ययन जरूर करना, कल एकादशी भी है , महाराज जी भी गीता के पाठ का व्यास पीठ से श्रवण कराएंगे यही भगवान की सेवा है, जो वस्त्र दान करता है उसके घर की लाज सदैव प्रभु बनाते हैं। सभी को गौ माता की सेवा जरूर करना चाहिए।